ओखला: धोभी घाट पर लगी आग की राख तो सुख गयी लेकिन वहां के निवासियों के दिलों में लगी आग नही बुझी

watansamachar desk


शमस आगाज
हाल ही में दिल्ली के ओखला में धोभी घाट पर लगी आग की राख तो सुख गयी लेकिन वहां के स्थानीय निवासियों के दिलों में लगी आग नही बुझी है। उन जुग्गियों में रहने वाले लोगों ने बड़ी मशक्कत से अपने घर बनाये थे जो ज़रा सी आग की चपेट में आकर पूरे जल गए। हालांकि खुशकिस्मत वाली बात ये रही कि वहां रहने वाले कोई बच्चों को नुकसान नही हुआ न ही किसी के साथ अनहोनी हुई लेकिन वहां के रहने वाले छोटे छोटे बच्चों की आंखों में अभी भी वो आग की लपटें मौजूद है जिसकी वजह से उनकी आंखों में सिर्फ आंसू ही हैं।

 

वहीं मज़लूमों की मदद करने के लिए मशहूर इंस्टिट्यूट ऑफ लर्निंग मनिया की टीम ने भी एक कसम खाई की उन बच्चों को खुश करने और उन्हें ये एहसास दिलाने की वो अकेले नही है की पूरी कोशिश करेंगे।

बस आईएलएम की टीम 11 और 12 नवंबर को उन्ही के साथ रही। संस्था की फाउंडर शमा खान के नेतृत्व में उनकी पूरी टीम ने बच्चों का हाथ थामा। उनके ज़ेहन से आग का खौफ हटाने के लिए पेंटिंग कराई और फॉम के खिलौने बनाये। साथ पेंटिंग में सेव ट्री सेव लाइफ के स्लोगन लगाए जिससे उन्हें ये भी बताया कि स्मॉग कितना नुकसान दायक है। वहीं बच्चों का दिल बहलाने के लिए फॉम की अंगूठी, जानवर बनाये और उन बच्चों को भी सिखाया।

आईएलएम की टीम में शमा खान के साथ मिरान हैदर, अब्दुल अलीम, रेशमा, मीनाक्षी, मुनाइरा, गुलशन,दीपक चौधरी, इकराम समेत कई मेंबर्स की मदद से उन बच्चों के चेहरे पर खुशी आ गयी।

अगर इसी तरह से समाजसेवी अपना फर्ज समझें तो असल मे समाजसेवा का मकसद पूरा हो जाएगा। ये चीज़ हमारे देश के हर इंसान को देखनी चाहिए और आईएलएम के विचारों के साथ सहयोग देकर अपने हर जगह इंसानियत का पैग़ाम देना चाहिए।


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