मुसलमानों को अंधकार में धकेलने की कोशिश

watansamachar desk
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1980-1990 के दशक में जिस तरह खून से लतपत तसावीर के साथ ख़बरें एक उर्दू अखबार अपने उर्दू पढ़ने वालों को परोस कर उन को जज़्बाती बनाने की कोशिश करता था वो काम आज भी जारी है. ऐसे वक़्त में जब की देश में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ कुछ शरपसंद तत्त्व माहोल बनाने की कोशिश कर रहे हैं उस समय ये चीज़ आग में पेट्रोल का काम करती है. इस लिए जरूरी है की जज़्बाती ख़बरों और बातों से ऊपर उठ कर ठोस काम किये जायें, ताकि लोगों को रोटी का टुकड़ा मिलने के बजाये उन को मछली पकड़ने का हुनर आ सके और वो आत्म निर्भर हो सकें.


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