ब्रह्मोस जासूसी: क्या सच में निशांत देश का गद्दार है?

बहरहाल कोर्ट सें ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद अब यूपी-एटीएस निशांत से आगे की जानकारी हासिल करने वाली है। ये ऐसे दस्तावेज थे जो किसी निजी हाथों में नहीं होने चाहिए। उसके बाद निशांत को गिरफ्तार कर रात्रि दो बजे तक उससे कड़ी पूछताछ की गयी। दूसरी बार निशांत के घर से और भी कुछ दस्तावेज, गॅजेट, मोबाइल बरामद हुए।

By: Watan Samachar Desk

 नागपुर, 09 अक्टूबर: नागपुर सेशन कोर्ट ने ब्रह्मोस मिसाइल से संबंधित कथित जासूसी के आरोपी निशांत अग्रवाल को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर यूपी-एटीएस को दे दिया है। ज्ञात रहें कि उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र एटीएस ने साझा कारवाई करते हुए सोमवार को जासूसी के आरोप में निशांत अग्रवाल को नागपुर के उज्ज्वलनगर से गिरफ्तार किया था।

 

अदालत से आदेश मिलने के बाद अब उत्तर प्रदेश पुलिस आरोपी निशांत को अपने साथ ले जाएगी, जहां उससे आगे की पूछताछ की जाएगी। निशांत 31 जुलाई 2013 से ब्रह्मोस मिसाइल अनुसंधान केंद्र के तकनीकी डिवीजन में काम कर रहा था। वह हाइर्ड्रलिक्स न्यूमैटिक्स ऐंड वॉरहेड इंट्रीगेशन (प्रॉडक्शन) का प्रमुख है। उसके नेतृत्व में 40 लोगों की टीम काम कर रही थी। कुछ दिनों पूर्व बीएसएफ के एक अधिकारी को सोशल मीडिया के जरिए हनी ट्रॅप में फंसाया गया था। इस मामले की सघन जांच करने के बाद पाकिस्तान से लड़कियों के नाम से जनरेट हुई फेक-आईडी की तफतीश की गई।

 

 उनकी फ्रेंड लिस्ट में निशांत अग्रवाल का नाम सामने आया। रक्षा विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, निशांत डीआरडीओ का कर्मचारी नहीं है। वह ब्रह्मोस एरोस्पेस प्रा. लि. में कार्यरत है तथा नागपुर आने से पहले वह हैदराबाद में कार्यरत था।

 

निशांत के जिम्मे ब्रह्मोस नागपुर के अलावा पिलानी प्रॉजेक्ट का सुपरविजन भी था। ब्रह्मोस भारत-रूस का जॉइंट वेंचर है। निशांत पर आरोप है कि उसने इस पूरे मिशन से जुड़े दस्तावेज पाकिस्तान तथा अमेरिका को लिंक किए हैं। जुलाई 2013 से वह नागपुर के बुटीबोरी स्थित डीआरडीओ की यूनिट में बतौर वैज्ञानिक काम कर रहा था। यूपी तथा महाराष्ट्र एटीएस ने सोमवार तड़के नागपुर के उज्ज्वलनगर स्थित निशांत के घर पर छापा मारा। इस समय उसके लॅपटॉप में संदिग्ध दस्तावेज पाए गये।

 

 

सूत्रो की माने तो निशांत के पास से ब्रह्मोस मिसाइल और उसमें इस्तेमाल किए जाने वाले वेपन के डिजाइन बरामद हुए हैं। एजेंसियों को डर है कि अगर ये डिजाइन पाकिस्तान को भेज गए हैं तो यह देश की सुरक्षा को लेकर बड़ा खतरा है।

 

 बहरहाल कोर्ट सें ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद अब यूपी-एटीएस निशांत से आगे की जानकारी हासिल करने वाली है। ये ऐसे दस्तावेज थे जो किसी निजी हाथों में नहीं होने चाहिए। उसके बाद निशांत को गिरफ्तार कर रात्रि दो बजे तक उससे कड़ी पूछताछ की गयी। दूसरी बार निशांत के घर से और भी कुछ दस्तावेज, गॅजेट, मोबाइल बरामद हुए।

You May Also Like

Notify me when new comments are added.

धर्म

ब्लॉग

अपनी बात

Poll

Should the visiting hours be shifted from the existing 10:00 am - 11:00 am to 3:00 pm - 4:00 pm on all working days?

SUBSCRIBE LATEST NEWS VIA EMAIL

Enter your email address to subscribe and receive notifications of latest News by email.