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फार्मर प्रोटेस्ट: पूरा देश उनके साथ खड़ा है, उन्हें आप डरा-धमका नहीं सकते: राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर निशाना

दूसरा कानून है – जिससे हिंदुस्तान के सबसे बड़े बिजनसमैन, 3-4-5 बिजनसमैन, जितना भी अनाज स्टोर करना चाहते हैं, जितना भी अनाज होर्ड (hoard) करना चाहते हैं, लाखों टन, वो भंडारण कर सकते हैं। अगर इनको ये इजाज़त दी गई, किसान दाम नेगोशियेट नहीं कर पाएगा।

By: वतन समाचार डेस्क

 

  • फार्मर प्रोटेस्ट: पूरा देश उनके साथ खड़ा है, उन्हें आप डरा-धमका नहीं सकते: राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर निशाना

 

राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवाओं को मैं कहना चाहता हूं, ये जो तीन कानून हैं, इनको समझने की जरुरत है।

 

पहला कानून है – जो हिंदुस्तान के मंडी सिस्टम को, एग्रीकल्चर मार्केट्स को खत्म कर देगा, नष्ट कर देगा।

 

दूसरा कानून है – जिससे हिंदुस्तान के सबसे बड़े बिजनसमैन, 3-4-5 बिजनसमैन, जितना भी अनाज स्टोर करना चाहते हैं, जितना भी अनाज होर्ड (hoard) करना चाहते हैं, लाखों टन, वो भंडारण कर सकते हैं। अगर इनको ये इजाज़त दी गई, किसान दाम नेगोशियेट नहीं कर पाएगा।

 

और तीसरा कानून – सबसे अजीब कानून, कि किसान अपनी कठिनाई को कोर्ट नहीं ले जा सकता।

 

ये तीन कानून के लिए किसान दिल्ली के बाहर खड़े हैं और सरकार इनसे बात करने की बजाए, सिचुएशन को रिसॉल्व करने की बजाए, उनको धमका रही है, पीट रही है, एनआईए का प्रयोग कर रही है, उनको डिसक्रेडिट(discredit) करने की कोशिश कर रही है।

 

सरकार को एकदम इन तीन क़ानूनों को वापस लेना चाहिए, रद्द करना चाहिए। और आज जो हो रहा है, सिंधु बॉर्डर पर जो सरकार इन पर आक्रमण कर रही है, इनको मार रही है, ये बिलकुल गलत है।

 

अब आपके सवाल।

 

26 जनवरी को लाल किले में हुई घटना के संदर्भ में पूछे एक प्रश्न के उत्तर में श्री राहुल गांधी ने कहा कि आप मुझे एक बात बताइए, उन लोगों को रेड फोर्ट के अंदर किसने जाने दिया और क्यों जाने दिया? क्या होम मिनिस्ट्री का काम नहीं है कि रेड फोर्ट पर इनको नहीं जाना चाहिए, नहीं अलाऊ करना चाहिए? उसके लिए कौन जिम्मेदार है? सीधी सी बात है, उनको क्यों अंदर जाने दिया, किसने अंदर जाने दिया? होम मिनिस्टर से जाकर पूछिए और उसके पीछे क्या आइडिया था, किस प्रकार अलाऊ किया गया? वो भी पूछ लीजिए।

 

On a question about PM’s continued silence on the farmers issue & Red Fort violence, Shri Rahul Gandhi said- As I said in a speech in Kerala, this is the biggest transfer of wealth from the largest number of people to the smallest number of people. You have seen what has happened in Covid. During Covid, the Poor have got poorer and a handful of rich people, 5-6 rich people have just got richer and richer and richer and richer. This anger that you are seeing among the farmers, this is that anger that 5 people, 7 people have everything, we have nothing. और जो हमारा था, वो भी ले रहे हैं। तो प्रधानमंत्री क्या बोलेंगे? प्रधानमंत्री इन 5 लोगों के लिए काम करते हैं। उनके लिए नोटबंदी की, उनके लिए जीएसटी बनाई, उनके लिए किसानों से, मतलब, उनका भविष्य छीन रहे हैं, तो क्या बोलेंगे वो? कुछ बोलने को नहीं है।

 

मगर उनको ये नहीं लगना चाहिए कि किसान पीछे हट जाएंगे और मैं किसानों से कहना चाहता हूं - हम सब आपके साथ हैं, एक इंच पीछे मत हटिए, ये आपका भविष्य है, इसके लिए आप लड़िए और ये जो 4, 5, 10 लोग हैं, ये जो आपका सामान, आपका भविष्य चोरी करने की कोशिश कर रहे हैं, इनको आप नहीं चोरी करने दीजिए और हम आपकी पूरी मदद करेंगे।   

 

एक अन्य प्रश्न पर कि कल गाजीपुर में किसान नेता राकेश टिकैत ने आरोप लगाया है कि उस इलाके के बीजेपी विधायक गाडियों में आसपास घूम रहे हैं और लोगों को हमारे खिलाफ षड़यंत्र करने के लिए उकसा रहे हैं? श्री राहुल गांधी ने कहा कि देखिए, ये ग़लतफ़हमी है बीजेपी को। इसमें अभी एक इशू है कि देश के किसानों को, मैंने केरल में, तमिलनाडु में बात की, देश के सभी किसानों को ये कानून अभी तक डेप्थ में समझ नहीं आए हैं। पंजाब में, हरियाणा में, यूपी में, राजस्थान में, इधर बात समझ आ गई है। प्रधानमंत्री को ये नहीं सोचना चाहिए कि ये आंदोलन यहाँ रुकेगा। ये आंदोलन, मैं बता रहा हूं, ये आंदोलन किसानों से शहरों के अंदर जाएगा। क्योंकि सिर्फ किसान गुस्सा नहीं है, हिंदुस्तान में अब लाखों-लाखों युवा हैं, जिनसे इन्हीं 5-10 लोगों ने, प्रधानमंत्री ने रोजगार छीना है। उनको भविष्य नहीं दिख रहा है। ये पूरा का पूरा आंदोलन शहरों में फैलेगा। मैं प्रधानमंत्री से कह रहा हूं, उससे नुकसान होने वाला है, देश का नुकसान होने वाला है। आप किसानों से बात कीजिए, इस सिचुएशन को रिसॉल्व कीजिए, इन कानूनों को वापस लीजिए, नहीं तो देश का नुकसान होगा। देखिए, ये जो इंस्टेबिलिटी (instability) है, इस इंस्टेबिलिटी से देश को फायदा नहीं हो रहा है, ठीक है। अन्याय किया है, अन्याय को ठीक किये बिना इंस्टेबिलिटी नहीं जाएगी। मगर मैं कह रहा हूं कि इंस्टेबिलिटी से फायदा नहीं है। बातचीत करनी है और इसको रिसॉल्व करना है, जल्दी से जल्दी करना है।

 

On a question about the pattern of BJP in dealing with JNU & the farmers agitation and the demand for resignation of Union Home Minister for his failure in handling the Red Fort incident, Shri Rahul Gandhi said- I think, absolutely, the person, who has allowed this to happen should resign, but, there is no way, he is going to resign. I mean, the BJP doesn’t take responsibility for its actions, so I don’t expect him to resign.

 

But, the whole idea is to discredit the farmers. Look, this is a genuine voice and it is the voice of India that is speaking .ये देश की आवाज है, प्रधानमंत्री को सुननी ही पड़ेगी और मैं बता रहा हूं, अगर नहीं सुनेंगे, ये फैलेगा। ये बाकी प्रदेशों में जाएगा, इसको आप स्प्रेस नहीं कर सकते। मेरा काफी एक्सपीरियंस है, 15 साल पॉलिटिक्स का एक्सपिरियंस है, इसको आप स्प्रेस नहीं कर सकते, ये फैलेगा और जोरों से फैलेगा।

 

एक अन्य प्रश्न पर कि ऐसा कहा जा रहा है की आज पुलिस की मौजूदगी में भाजपा समर्थक कुछ लोगों द्वारा हिंसा हुई है  श्री राहुल गांधी ने कहा कि एक बात बताइए, किसान वहाँ महीनों से यहाँ खड़े हैं। 10-15 लोग तो नहीं हैं ना, लाखों लोग हैं, तो कुछ ना कुछ तो होगा। कुछ ना कुछ तो इनकी फीलिंग होगी, इनका दर्द होगा। ये सब के सब, मतलब, लाखों लोग बस ऐसे ही खड़े हुए हैं क्या, बिना कोई कारण? कोई ना कोई कारण तो है ! सिंपल कारण है, आप इनका भविष्य इनसे छीन रहे हो। आप हिंदुस्तान के एग्रीकल्चर सिस्टम को तोड़ रहे हो। आप अपने दो-तीन मित्रों को पूरा हिंदुस्तान का एग्रीकल्चर सिस्टम पकड़ा रहे हो और आपको लगता है कि किसान कुछ नहीं करेंगे। अगर आपके घर में रात को चोर आए, आप उसको रोकने की कोशिश नहीं करोगे क्या – करोगे। तो ये हर किसान के घर में चोर घुस रहा है, नरेन्द्र मोदी जी उनको डाल रहे हैं अंदर और नरेन्द्र मोदी जी को लगता है कि किसान कुछ नहीं बोलेगा, घर चला जाएगा। कैसे, सवाल ही नहीं उठता और चोरी सिर्फ किसानों से नहीं हो रही है, चोरी शहरों में वर्कर से हो रही है। जो चोरी किसानों से हो रही है, चोरी छोटे बिजनेस वालों से हो रही है, स्मॉल – मीडियम बिजनेस से हो रही है, उनका भी भविष्य तोड़ा जा रहा है। तो अगर ये सोच है कि ये सिर्फ किसान की बात है, गलत है। ये किसानों से मजदूरों तक जाएगा, शहरों में जाएगा, स्लम्स में जाएगा, फैलेगा ये।

 

एक अन्य प्रश्न पर कि आपने कहा कि आप किसानों के साथ में हैं, क्या ये आप मोरल सपोर्ट की बात कर रहे हैं, श्री राहुल गांधी ने कहा कि देखिए, हमारा गोल है कि ये जो चोरी हो रही है, इसको मैं चोरी कहता हूं और कुछ नहीं है। ये चोरी रोकी जाए। ये हिंदुस्तान के 60 प्रतिशत पोपुलेशन के साथ चोरी की जा रही है। उसको हम रोकना चाह रहे हैं। जिस प्रकार से हम किसानों की मदद कर सकते हैं, जो भी उन्होंने हमसे मांगा, हम करेंगे। हम उनके साथ खड़े हैं, चोरी रोकने के लिए। मैं डॉयरेक्टली टच में नहीं हूं, पर हमारे लीडर, मतलब, इन्फोर्मेशन तो आता रहता है।

 

एक अन्य प्रश्न पर कि जिस तरह से 26 जनवरी को घटना हुई है, कहा ये भी जा रहा है कि कुछ आपत्तिजनक विचारधारा के लोग भी उसमें शामिल थे? श्री राहुल गांधी ने कहा कि मेरा कहना है कि आपने एक स्पेस खोली हुई है। आप किसानों से डिस्कस नहीं कर रहे हो। आपने, मतलब, एक यहाँ पर आंदोलन खड़ा है, पॉलिटिक्ल स्पेस है। आपको जल्दी से जल्दी उस स्पेस को बंद करना चाहिए, आप सरकार हैं। क्योंकि इससे देश का फायदा नहीं हो रहा है। तो हमारा कहना है, इसको आप जल्दी रिसॉल्व कीजिए, आप टाइम जाया मत कीजिए। इसमें जो हमारे किसान हैं, उनसे आप जल्दी से जल्दी बात कीजिए और इसको रिसॉल्व कीजिए और सिचुएशन को ठंडा कीजिए। ये हमारा कहना है। उसमें दो-तीन गलत प्रकार के लोग हों, वो ठीक है, उन पर आप एक्शन लीजिए, मगर जो लाखों लोग खड़े हैं, वो जेनुअन लोग हैं।

 

Shri Rahul Gandhi on Twitter-

 

ना ग़ाज़ीपुर में पुलिस तैनात करके

 

ना #SinghuBorder पर पथराव करके

 

ना किसी और साज़िश से

 

किसान का हौसला तोड़ पाओगे

 

पूरा देश उनके साथ खड़ा है, उन्हें आप डरा-धमका नहीं सकते।

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