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मंत्री, संत्री, तमाम तंत्र एक झूठ को छुपाने के लिए बार-बार- कांग्रेस

पहला झूठ, निर्मला सीतारमन जी ने जो कल बोला कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड और दसॉल्ट का कोई करार नहीं था

By: Watan Samachar Desk
RM lies in Parliament on Rafale scam - Youtube link and Highlights of the press briefing by Shri Pawan Khera, Spokesperson AICC

पवन खेड़ा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि एक झूठ को छुपाने के लिए कहा जाता है कि सौ और झूठ बोलने पड़ते हैं। लेकिन जब वो एक झूठ राजा द्वारा बोला गया झूठ हो तो उसको छुपाने के लिए शायद हजार झूठ बोलने पड़ते हैं, मंत्री, संत्री, तमाम तंत्र एक झूठ को छुपाने के लिए बार-बार झूठ बोलते हैं। कल संसद में देश की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन जी ने कुछ ऐसे ही झूठ बोले। निर्मला जी का कसूर कुछ नहीं, बेकसूर हैं, उनका कसूर सिर्फ ये है कि वो एक ऐसे राजा के दरबार में मंत्री हैं, जिस राजा ने एक ऐसा विशाल झूठ बोला है, भयंकर झूठ बोला है कि उसको छुपाने के लिए पूरा का पूरा कैबिनेट झूठ बोलने लग गया है। अब तो संसद में झूठ बोलने लगे हैं, उससे बड़ा अपराध क्या हो सकता है? जिस संसद में माननीय नरेन्द्र मोदी जी जब पहली बार आए, तो जैसे मंदिर में जाते हैं, वैसे झुक के उन्होंने ढ़ोक दिया, वहाँ बैठकर मोदी जी भी और उनके तमाम मंत्री झूठ बोलते हैं।

 

पहला झूठ, निर्मला सीतारमन जी ने जो कल बोला कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड और दसॉल्ट का कोई करार नहीं था। इससे बड़ा झूठ क्या हो सकता है, जब सब कुछ कागजों में दर्ज है। हम तारीखों के साथ बात करते हैं, 13 मार्च, 2014 को एक वर्कशेयर एग्रीमेंट साईन हुआ, क्या निर्मला सीतारमन जी को इसका ज्ञान नहीं था, ये बहुत अफसोसजनक बात है, क्या देश की रक्षा मंत्री को इतनी महत्वपूर्ण चीज का ज्ञान नहीं था, मैं ये नहीं मान सकता, वो बहुत पढ़ी-लिखी हैं, बहुत काबिल हैं, भाजपा में बहुत कम ऐसे पढ़े लिखे लोग हैं, कम ही हैं और पॉलिटिकल साइंस नहीं, उन्होंने तो वाकई में पढ़ाई की है। तो इतनी पढ़ी लिखी मंत्री को ये ज्ञान ना हो, ये मैं नहीं मान सकता, ये कोई नहीं मान सकता। तो इसका अर्थ यही है कि नरेन्द्र मोदी जी के झूठ पर एक और परत चढ़ाने की चेष्ठा की जा रही है।

 

दूसरा झूठ, जो निर्मला सीतारमन जी ने बोला कि उन्हें ज्ञान ही नहीं है कि दसॉल्ट का ऑफसेट पार्टनर कौन है। कमाल की बात है, एक और तारीख दे रहा हूं, 28 अक्टूबर, 2017 में फ्रांस की रक्षा मंत्री हिंदुस्तान आई, अमर जवान ज्योति गई, उसके पश्चात निर्मला सीतारमन जी से मिलने गई, उसके पश्चात नागपुर में दसॉल्ट और रिलायंस का जो ज्वाइंट वेंचर का प्रोजेक्ट है, उसकी आधारशिला रखने गई, जहाँ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री मौजूद थे, भारतीय जनता पार्टी की सरकार के और भी मंत्री मौजूद थे।

 

फ्रांस के मीडिया ने, हिंदुस्तान के मीडिया ने सबने ये खबर चलाई, उनका पूरा शेड्यूल, उनकी दिनचर्या, कोई स्टेट विजिट पर आता है, तो उनकी क्या दिनचर्या रहेगी, वो सब छपा। क्या निर्मला सीतारमन जी को ये नहीं मालूम था? चलिए हम तो उस क्लॉज की भी बात नही करते जो ऑफेसट पॉलिसी का क्लॉज है, जिसके तहत रक्षा मंत्रालय की मंजूरी के बगैर कोई ऑफसेट पार्टनर नहीं हो सकता, क्योंकि इन्होंने पॉलिसी में भी बहुत परिवर्तन किए, वही एक झूठ को छुपाने के लिए। य़े ऑफिशियल विजिट का वो शेड्यूल है, जो पब्लिक डोमेन से हमने भी लिया, सब जगह चला, इसमें बड़ा स्पष्ट लिखा है- Minister Parly, Her name is Florence Parly, schedule begins on Friday 17th, October with the floral tribute at Amar Jawan Jyoti, अमर जवान ज्योति पर उन्होंने पुष्पांजली अर्पित की।Thereafter, she received a Guard of Honor at the Ministry of Defence and proceeded for it bilateral consultations with her Indian counterpart Smt. Nirmala Sitharaman.  ये 27 अक्टूबर, 2017 की सुबह की दिनचर्या है। उसके बाद ये गई नागपुर, जहाँ आधारशिला रखी गई, इसमें मोदी जी के साथ उनकी फोटो है, ये उनका तमाम शेड्यूल है, तो निर्मला सीतारमन जी का दूसरा झूठ आपके सामने हमने रखा। जो देश के उस वक्त के विदेश सचिव थे, जयशंकर जी, 48 घंटे पहले जब ये 36 हवाई जहाजों को संतरों की तरह खरीदा गया, उसके 48 घंटे पहले जयशंकर जी अपने इंटरव्यू में कहते हैं, जब उनसे पूछा गया कि क्या मोदी जी के इस विजिट में राफेल पर चर्चा होगी, तो बड़ा स्पष्ट उन्होंने कहा, “In my understanding, there are discussions under way between the French company which is Dassault, our Ministry of Defence, the HAL”. ये हम नहीं बोल रहे, ये जयशंकर जी ने आप जैसे मित्रों के प्रश्नों के उत्तर में 48 घंटे पहले बोला था, ये भी पब्लिक डोमेन में है, आप लोगों ने छापा है, चलाया है। He further said, “these are ongoing discussions, these are very technical discussions, do not mix-up leadership visits in security field”. जो नेतृत्व है देश का, वो इस तरह की चर्चा में भाग नहीं लेता, ये उस वक्त के जो हमारे विदेश सचिव थे, उन्होंने ऐसा कहा। परंतु नेतृत्व ने भाग ही नहीं लिया, बहुत कुछ करके आए। तो  एक के बाद एक झूठ, मैं बार-बार ये शब्द बड़ी जिम्मेदारी ये बोल रहा हूं कि निर्मला सीतारमन जी ने झूठ बोला है।

 

एक और झूठ बोला कि वो जो विमान था 526 करोड़ रुपए वाला, जो यूपीए ले रही थी, वो बिना किसी हथियार के था, खाली शैल खरीद कर रहे थे। क्या 6 साल भारतीय वायु सेना खाली विमान का निरीक्षण कर रही थी, कल तो कहेंगे कि इंजन भी नहीं था उसमें। जब 643 पैमानों पर भारतीय वायुसेना ने 6 कंपनी के अलग-अलग विमानों का निरीक्षण किया औऱ फिर जाकर ये दोनों विमान चुने, ये और टाइफून यूरो फाईटर, तो क्या वो बिना इंजन का विमान था? इस बात का स्पष्टीकरण रक्षा मंत्री, खेल मंत्री, कृषि मंत्री, कोई मंत्री दे दे,कुछ तो जवाब दीजिए? ये वही विमान था, किसी एक नट बोल्ट का इसमें अंतर नहीं है, जो 36 विमान नरेन्द्र मोदी जी ने अपनी मनमर्जी से अनिल अंबानी को लाभ पहुंचाने के लिए लिए या वो विमान जो भारतीय वायुसेना ने जो 126 विमानों की जब डील हो रही थी, जो उन्होंने निरीक्षण करके अप्रूव किया था। ये हम तो कह ही रहे हैं, मीडिया भी कह रहा है, लेकिन जो ज्वाइंट स्टेमेंट है, हम बार-बार आपके सामने रखते हैं ताकि बार-बार ये बात आपके सामने जाए, एक तो इनके बहुत झूठ और झूठ भी बहुत तेज आवाज में बोलते हैं और दोहरा-दोहरा कर बोलते हैं, तो हमने भी तय किया है कि हम भी अपना सच तेज आवाज में बोलेंगे औऱ दोहराते रहेंगे। The aircraft and associated systems and weapons would be delivered on the same configuration, I repeat, the same configuration as had been tested and approved by the Indian Air Force and with the maintenance responsibility by France. ये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और फ्रांस के उस वक्त के राष्ट्रपति ओलांद साहब जी का ज्वाइंट डिक्लेरेशन हैं, 10 अप्रैल, 2015 का डिक्लेरेशन है, जिसमें वो कहते हैं कि ये विमान हू-ब-हू वैसा विमान है जिसका भारतीय वायुसेना ने निरीक्षण किया है। अगर ये विमान वो नहीं है तो नरेन्द्र मोदी जी एक और प्रश्न उठता है। क्या आपने भारतीय वायुसेना को बिना निरीक्षण करने दिए, ये विमान खरीद लिए, भारतीय वायुसेना को ये मौका भी नहीं दिया कि वो निरीक्षण करें, नए हथियारों के साथ लैस विमान का। ये तो और बड़ा अपराध है। कम से कम झूठ भी बोलते तो जेटली जी की सलाह से बोल लेते। उनको तो बोलना अच्छा आता है, वो बहुत काबिल ढंग से झूठ बोलते हैं, मीडिया के काबिल दोस्तों को तो दो दिन बाद समझ आता है, हमें तो 4 दिन लग जाते हैं। तो उनसे ट्रेनिंग ले लेते, निर्मला सीतारमन जी ने तो अच्छी ट्रेनिंग ली जेटली जी से। सीधा संसद में झूठ बोलना।

 

आज हमने पढ़ा कि HAL को हजार करोड़ रुपए का कर्जा लेना पड़ रहा है, सिर्फ तनख्वाहएं देने के लिए, ये क्या हाल बना रखा है मोदी जी? आप तो कह रहे थे एक लाख करोड़ रुपए का काम दिलवा दिया है HAL को, ये हो गया, वो हो गया। हमारे वक्त HAL की आर्थिक स्थिति क्या थी, आज आर्थिक स्थिति क्या है? मेक इन इंडिया की ये जो बात करते हैं, मेक इन इंडिया का लोगो भी ‘मेड इन इंडिया नहीं है, स्विस वॉच कंपनी का एक लोगो है। असलियत इनकी मेक इन इंडिया की भी खुल गई, HAL को आपने ऐसे चौराहे पर खड़ा कर दिया है कि अब वो पैसा मांग रहा है, कर्जा मांग रहा है तनख्वाह देने के लिए। इन सब बातों का जवाब और झूठ ना बोलते हुए दे दें तो अच्छा है।

 

इंडियन एयरफोर्स और एचएएल के स्टेक होल्डर्स से मोदी सरकार द्वारा राफेल समझौते से पहले सलाह ना लिए जाने संबंधित एक प्रश्न के उत्तर में श्री खेड़ा ने कहा कि They are important stake holders. इसमें तो कोई शक की बात ही नहीं है। इंडियन एयरफोर्स ने निरीक्षण किया है। Indian Air Force is the end user of these fighter jets तो वो तो हैं ही एंड यूजर्स हैं, वहीँ सबसे महत्वपूर्ण स्टेक होल्डर्स हैं, बात ये थी 108 लड़ाकू विमान यहाँ पर बनने थे, एचएएल के द्वारा बनने थे, 70-30 का वो वर्कशेयर एग्रीमेंट था, 95% चर्चाएं, वार्तालाप समाप्त हो चुका था। अचानक ये क्यों हुआ कि एचएएल से छीना गया और अलग-अलग रोज नए बहाने। एक बहाना आया कि अनिल अंबानी जी की कंपनी के पास नागपुर एयरपोर्ट के पास जमीन है, इसलिए उनको दिया जा रहा है। एचएएल के पास बैंगलोर एयरपोर्ट के पास जमीन है, एचएएल की जमीन बहुत बड़ी है, एचएएल के पास अनुभव है। तो ऐसा क्या है जो अनिल अंबानी के पास है और एचएएल के पास नहीं है? मानते हैं, हमें तो मालूम हैं ऐसा क्या है।

 

गोवा कांग्रेस की तरफ से राष्ट्रपति जी को पत्र लिखा गया है कि मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर जी की सुरक्षा को बढ़ाया जाए क्योंकि बेडरुम में राफेल की महत्वपूर्ण फाइल रखने के कारण उनकी जान को खतरा हो सकता है, श्री खेड़ा ने कहा कि ये पूछने से पहले जो इतिहास है, गुजरात का इतिहास, हरेन पंड्या का इतिहास, तो आपको मुझसे ज्यादा ज्ञान है, हम तो आप लोग जो लिखते हैं, वो पढ़कर अपना ज्ञान बढ़ाते हैं। तो हमारे पीसीसी प्रेजिडेंट ने संभवत: इस बात को बड़ी गंभीरता से लिया है कि अगर मुख्यमंत्री जी के बेडरुम में राफेल की फाइलें पड़ी हैं, हमने यहीं बैठकर उस वक्त भी आपसे प्रश्न पूछा था कि आखिर क्या कारण है कि मुख्यमंत्री को इतना मौका नहीं दिया जा रहा या वो रिजाईन ही नहीं करना चाहते, कारण क्या है, आप क्यों दबे हुए हैं? तो उसका जवाब अपने आप ही आ गया है कि क्यों दबे हुए हैं। तो अब जब कोई व्यक्ति नरेन्द्र मोदी जी को अगर डराए, धमकाए तो फिर आपको तो मालूम है कि क्या-क्या हो सकता है।        

 

इसी संदर्भ में एक अन्य प्रश्न के उत्तर में श्री खेड़ा ने कहा कि दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंक कर पीता है, हमने अभी इतिहास आपको बताया थोड़ा बहुत। किसी भी व्यक्ति की जिंदगी बड़ी महत्वपूर्ण होती है और वो मुख्यमंत्री हैं, अब खुद उनके मंत्री बता रहे हैं कि उन्होंने कहा कि उनके बेडरुम में राफेल की पूरी फाइलें हैं, उनके पास राफेल की पूरी जानकारी है, जिससे केन्द्रीय नेतृत्व घबराया हुआ है और उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। तो कोई इस केन्द्रीय नेतृत्व को बोल दे कि तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते, फिर वो घबराहट तो हम सबको होती है।

 

On the reaction of the Congress Party on the statement of Smt. Sitharaman that neighbouring countries were increasing their arsenal, Shri Pawan Khera asked  where are the aircrafts is our question, has even one Fighter Jet arrived in India?

 

Shri Khera further said that if we had stuck to the 126 MMRCA deal and if the PM had fast forwarded it, fast tracked it instead of doing what he did, the aircrafts would have started coming in Sept this year. What is the difference - the difference is that the price has gone up by more than 3 times, the difference is the number of aircrafts has been reduced from 126 to 36, the difference is that HAL  has been kicked out and Anil Ambani has been brought in. These are the major fundamental differences. So, when they hide behind ‘National Security’, they should answer these questions कि अभी तक हवाई जहाज क्यों नहीं आया, अगर उसी डील पर आप स्टिक करते तो सितंबर तक तो आने लग जाते।

 

एक अन्य प्रश्न पर कि क्रिश्चियन मिशेल ने पूछताछ में बताया है कि अगस्ता वेस्टलैंड को ब्लैकलिस्ट से हटाने के लिए बीजेपी के ही किसी बड़े नेता का हाथ थाइस पर कांग्रेस की क्या प्रतिक्रिया हैश्री खेड़ा ने कहा कि ये सूचना हमारे पास एक समाचार चैनल के माध्यम से आई है, तो हम उम्मीद करते हैं कि आप थोड़ा और खोजी पत्रकारिता लगाएंगे और नाम तक भी पहुंच जाएंगे। हो सकता है आपको नाम मालूम हो, आप हमें नहीं बताना चाह रहे हों। तो अगर नाम मालूम है तो आप थोड़ी देर यहाँ स्टेज पर आ जाईए और नाम बता दीजिए. लेकिन इसमें बात ये है शुरु से इस पूरे मामले में जिस तरह से दुबई से मिशेल बोल रहा था कि मुझ पर कुछ नाम लेने के लिए दबाव डाला जा रहा है तो यहाँ जिस तरह के खेल खेले जा रहे हैं, अब ये तो बहुत ही चौंकाने वाली सनसनीखेज बात है कि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता द्वारा किन शर्तों पर, किन कारणों से अगस्ता वेस्टलैंड को ब्लैकलिस्ट से हटाया गया, उस नेता का क्या रोल रहा, क्या बात हुई, ये सब बातें अब सामने आनी चाहिएं, ताकि पिछले साढ़े चार, पांच साल से अपनी बातों को छुपाने के लिए झूठ, षड़यंत्र, अफवाहें, मिस इनफोर्मेशन जैसे एक कैंपेन चलाया जा रहा है, उस पर से पर्दा हट सके।

 

झारखंड के विस्थापित लोगों की मांग को लेकर कांग्रेस के द्वारा किए गए प्रोटेस्ट को वहाँ की भाजपा सरकार द्वारा जबरन रोकने से संबंधित एक अन्य प्रश्न के उत्तर में श्री खेड़ा ने कहा कि प्रोटेस्ट बड़ी हिम्मत का काम है यहाँ इस सरकार में प्रोटेस्ट का नाम भी लेना अपराध है। आप लोगों में से काफी लोगों ने काले कपड़े पहने हुए हैं, मैंने भी पहना हुआ है। प्रधानमंत्री जी के यहाँ से तो अब ये निर्देश आ गए हैं कि प्रधानमंत्री जी जहाँ जाए, वहाँ काला कपड़ा, रुमाल, टोपी, पगड़ी कुछ नहीं होना चाहिए। तो प्रोटेस्ट करने के लिए तो बड़ी हिम्मत चाहिए और प्रोटेस्ट की बात बोलने की भी। नया अपना कुछ कर नहीं पाते, प्रश्नों से डरते हैं, काले कपड़ों से डरते हैं, प्रोटेस्ट से डरते हैं, ये कैसा 56 इंच है, भाई?  

 

एक अन्य प्रश्न पर कि रक्षा मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन ने बोफोर्स को लेकर बयान दिया हैइस पर कांग्रेस की क्या प्रतिक्रिया हैश्री खेड़ा ने कहा कि बोफोर्स का इन लोगों ने कई बार भुनाने की कोशिश की। चारों तरफ प्रयास किए, षड़यंत्र रचे, लेकिन सफल नहीं हुए, उसमें कोर्ट से हम बाईज्जत बिल्कुल निकल कर आए। दूसरी ओर भाजपा के लोग राफेल घोटाले में एक के बाद एक अपने ही झूठों में फंसते चले जा रहे हैं और कोर्ट में झूठ बोल रहे हैं, संसद में तो झूठ बोलते ही बोलते हैं, कोर्ट में हलफनामे झूठे दे देते हैं। अगर ये सीधे-सीधे- चले होते तो शायद ये मुद्दा समाप्त हो चुका होता, सीधा प्रश्नों के उत्तर दीजिए कि 1,611 करोड़ रुपए हमने इसलिए दिए हैं, 526 के। उसमें आप रोज नया बहाना देते हैं। रोज नया झूठ आता है, तो ये इतने उलझ गए हैं कि अब इनको निकलने के लिए पता नहीं क्या करना पड़ेगा। मुझे नहीं लगता ये कुछ कर भी पाएंगे और निकल भी पाएंगे।

 

एक अन्य प्रश्न पर कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा है कि कांग्रेस किसानों को लेकर झूठ बोलती हैक्या कहेंगेश्री खेड़ा ने कहा कि अन्नदाता पर गोलियाँ इन्होंने चलाई, 2 अक्टूबर को अन्नदाता दिल्ली में राजघाट जाना चाहता था, इन्होंने नहीं जाने दिया। दिल्ली के दरवाजे अन्नदाता के लिए बंद हो गए, ये इन्हीं प्रधानमंत्री जी ने किया। आपने एमएसपी के नाम पर किसानों को धोखा दिया, आप कभी कहते हैं कि ऋण माफ होना चाहिए, कभी कहते हैं कि नहीं होना चाहिए। आपकी नीति स्पष्ट नहीं है क्योंकि आपकी नीयत में बहुत बड़ी खोट है, आपने कभी अन्नदाता को गंभीरता से नहीं लिया। आपको भूमि अधिग्रहण बिल का याद होगा कि कैसे ऑर्डिनेंस लेकर आए और उसके बावजूद तब हमारी बड़ी हंसी उड़ाते थे कि 44 लोग क्या कर लेंगे, राहुल गांधी जी ने इस पर ऐसा कैंपेन चलाया कि उनको वापस लेना पड़ा। तो अन्नदाता के विषय में ये ना बोलें तो अच्छा होगा।

 

मोदी सरकार द्वारा दवाइयों की कीमतें बढ़ाए जाने के प्रयास से संबंधी पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में श्री खेड़ा ने कहा कि ये लाईफ सेविंग ड्रग्स हैं, कैंसर से लेकर और कई महत्वपूर्ण दवाइयों के इन्होंने अचानक एक सर्कुलर निकाल कर दाम बढ़ाने की बात की। ये इस सरकार की असलियत है। ये एक स्टैंड लेकर बार-बार प्रचार करते रहे कि हमने ये कर दिया, हमने वो कर दिया, आज असली चेहरा सामने आया है कि ऐसी महत्वपूर्ण ड्रग्स जिसको दवाईयाँ कहते हैं, उसकी कीमतें आपने बढ़ा दी, आम आदमी की पहुंच से बाहर चली जाएंगी, आखिर आप क्या चाहते हैं? एक तरफ आप आयुष्मान भारत की बात करते हैं, स्वस्थ भारत की बात करते हैं, जिसमें आपने सिर्फ 2,000 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं, 40 रुपए प्रति व्यक्ति, अगर उसको डिवाईड करें तो, आपकी असलियत तो आपकी नीतियों में ही निकल कर आ रही है।

 

On NRC issue that there has been criticism that actual Indian citizens are being harassed by Modi Government, Shri Pawan Khera said we have been very clear about the way NRC has been handled. It became a victim of a polarizing political narrative and that is the reason the agencies which are implementing NRC have been under tremendous pressure. We should not politicize the NRC issue and allow these agencies to independently function with human heart and do not become victims of a political narrative.

 

On another question on the entry of women in Sabarimala temple, Shri Khera said what we are looking at is something very clear - we are a National Party. India as the ancient civilization is ever evolving civilization. There are practices in the past justified some reason the educated people of India intelligently, you know, they want to change and evolve and they want entry of women in Sabarimala. Here the Hon’ble Supreme Court has also given a favourable judgment but it takes time for such judgment to be translated into a proper understanding at the ground level for those who still believe that women should not be allowed to enter Sabarimala. I am made to understand, after all this country cannot be run only by conflict because there are several fault lines based on caste, religion, practices, customs. It has to run through consensus and consensus building takes time. I think Congress Party has always believed in taking, choosing the consensus route. Take time but build upon consensus. Any such contentious issue can only be resolved if we bring everyone together and try and debate instead of fighting, instead of conflicts.

 

To a further question on the issue, Shri Pawan Khera said, as I said, this is a very time consuming process. Each one of us will have to be patient to go through the motion of building a consensus. It will take time and I hope that all of us irrespective of which party we belong to, we should try and build consensus so that the space for conflict is reduced as much as possible.

 

On the question of reaction of the Congress Party that the Court has declared Vijay Mallya a fugitive and BJP claiming its credits, Shri Pawan Khera said Mr. Mallya went to the Central Hall, met a particular Minister, sought his blessings and permission before leaving and he also got ticket upgraded and then left for London. We all know what happened, how it happened. Very recently a senior Minister also said that he is not a fugitive. उन्होंने कोई चोरी नहीं की है, ये कहा गया है, भारतीय जनता पार्टी के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा है तो इसमें हम क्या बोलें, इन्होंने स्वयं ही बोल दिया है।

 

To a related question, Shri Pawan Khera said they have taken credit for ‘Mangalyan’; ‘Chandrayan’ - for everything for Pokhran-I, Pokhran-II. We should start celebrating India’s birthday- 5th birthday would be on 16th of May 2019. तो सेलिब्रेट करना पड़ेगा, पैदा ही हम शायद उसी वक्त हुए थे, उससे पहले तो हिंदुस्तान था ही नहीं, क्रेडिट लेने दीजिए। जब स्वयं विजय माल्या ने कहा कि मैं अरुण जेटली जी से मिलकर गया, पूछकर गया तो फिर उसके बाद क्या रह जाता है?

 

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी में अध्यक्ष पद से संबंधित एक अन्य प्रश्न के उत्तर में श्री खेड़ा ने कहा कि हमारी पार्टी में ऐसे निर्णय लेने की एक प्रक्रिया है। उस प्रक्रिया के तहत जो निर्णय होगा, आपको शीघ्र ही मालूम पड़ जाएगा।   

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