पूर्व सर्विसमैन करेंगे BJP के फर्जी राष्ट्रवाद का पर्दाफाश: विजय कालीरमन

दिल्ली के मुख्यमंत्री की शहीद सम्मान राशी योजना की तर्ज़ पर केंद्र सरकार भी शहीदों के परिवार को 5 करोड़ रूपए सम्मान राशी दे : सुरेंद्र सिंह

By: Administrators
"आज बड़े दुःख के साथ कहना पड़ रहा है कि BJP की सरकार फर्जी देशभक्ति, फर्जी राष्ट्रवाद के अलावा कुछ नहीं कर रही है"- @AAPkaSurender

प्रेस वार्ता में पत्रकारों से बातचीत करते हुए दिल्ली केंट से आप विधायक कमांडो सुरेन्द्र सिंह ने कहा की हमारे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल, इस देश की एकता, अखंडता, और सम्मान के लिए सरहद पर शहीद होने वाले जवानो के परिवारों को एक करोड़ रूपए सम्मान राशी देखर उनके परिवार का सम्मान करते हैं।  दूसरीओर केंद्र में भाजपा की सरकार है जो केवल झूठे वादे, दिखावा, और दीपावली पर सैनिकों के साथ सेल्फी खिचवाने के अलावा कुछ नहीं कर रही है।    

यह बड़े ही दुःख की बात है कि जब मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल बुराड़ी में रहने वाले शहीद विजेंद्र पाल जी के घर उनके परिवार को ये सम्मान राशी देने के लिए गए, तो भाजपा के लोगो ने वहां पर लगे शहीद विजेंद पाल जी के पोस्टरों पर ही कालिख लगा दी।  भाजपा को शर्म आनी चाहिये इस अमानवीय कर्त्य के लिए।  एक तरफ मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल हैं जो उस परिवार के दुःख में शामिल होने और उस परिवार का सम्मान करने जाते हैं, वही दूसरी और भाजपा उसी शहीद का अपमान करती है।  शहीद फायरमेन विजेंद पाल जी ने मई 2017 में हमारे जैसे लोगो की जान बचाते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी।   

एक तरफ तो भाजपा सैनिको के नाम के कसीदे पढ़ती है और दूसरी तरफ उन्ही सैनिको के साथ दुश्मनों से भी ज्यादा बुरा बर्ताव करती है।  जब यही सैनिक वन रेंक वन पेंशन के लिए आन्दोलन करते हैं तो मोदी जी उनपर लाठियां चलवाते हैं, जब युद्ध में विकलांग हुए सैनिक जंतर-मंतर पर धरना करते हैं तो मोदी जी उनकी आवाज़ को अनसुना कर देते हैं, और जब BSF का एक सैनिक तेज बहादुर BSF में मिलने वाले खाने पर सवाल उठता है तो यही मोदी सरकार उसे नौकरी से निकाल देती है।  जब सेना के जवान पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक करती है, तो उसकी वाह-वाही लूटने के लिए मोदी जी आगे आ जाते हैं, लेकिन वही सैनिक जब सरहद पर शहीद होते हैं तो यही भाजपा सरकार उनके ताबूत के पैसे तक कहा जाती है।    

मै मीडिया के माध्यम से मोदी जी से कहना चाहता हूँ कि अगर दिल्ली सरकार, जो की एक आधे अधूरे राज्य की आधी सरकार है, वो शहीदों को एक करोड़ रूपए सम्मान राशी दे सकती है तो केंद्र सरकार को तो कम से कम पांच करोड़ रूपए सम्मान राशी के तौर पर एक शहीद के परिवार को देनी चाहिये।    

प्रेस वार्ता में विधायक कमांडो सुरेन्द्र सिंह के साथ कैप्टेन जनक राज खुराना, हवलदार कुलदीप सिंह, हवलदार राज सिंह, सूबेदार भूपेन्द्र मलिक, सूबेदार उमाशंकर यादव, और सूबेदार कैलाश चंद शामिल रहे।

You May Also Like

Notify me when new comments are added.

धर्म

ब्लॉग

अपनी बात

Poll

Should the visiting hours be shifted from the existing 10:00 am - 11:00 am to 3:00 pm - 4:00 pm on all working days?

SUBSCRIBE LATEST NEWS VIA EMAIL

Enter your email address to subscribe and receive notifications of latest News by email.