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संविधान में बदलाव करना और सवर्णों को 10% आरक्षण देना एक : आतिशी

संविधान में बदलाव करना और सवर्णों को 10% आरक्षण देना एक साजिश है, इस प्रयोग के माध्यम से भाजपा दलितों को मिलने वाला आरक्षण को खत्म करने की साजिश रच रही है : आतिशी

By: Watan Samachar Desk

नई दिल्ली, बुधवार, 9 जनवरी 2019। एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि केंद्र सरकार का सवर्णों को 10% आरक्षण देने का जो प्रस्ताव आया है, दरअसल वह केवल एक छलावा है। भारतीय जनता पार्टी 51% के हकदार सवर्णों को 10% आरक्षण में उलझाना चाहती है।


उन्होंने कहा जैसा की सबको पता है आरएसएस पिछले 70 सालों से देश के भीतर से पिछड़े वर्ग को मिलने वाला आरक्षण खत्म करना चाहती है। केंद्र सरकार का यह फैसला दरअसल उस दिशा में पहला कदम है। भाजपा का मकसद सवर्णों को 10% आरक्षण देना नहीं बल्कि इस बहस में देश को उलझा कर, एससी एसटी और ओबीसी को मिलने वाला आरक्षण समाप्त करना है।


प्रेस वार्ता में मौजूद पूर्वी दिल्ली से आप लोकसभा प्रभारी आतिशी ने कहा जब कभी भी किसी ने आरक्षण के विरोध में मोर्चा निकाला है तो भाजपा सदैव उनके साथ खड़ी नजर आई है।

 *भाजपा उच्च जातियों के 10% गरीबों के आरक्षण का प्रस्ताव क्यों लाई है?* 

भाजपा का प्रस्ताव बहुत खतरनाक है। भाजपा हमेशा से जातिगत आरक्षण की विरोधी रही है। भाजपा हमेशा से कहती रही है कि जाति का आरक्षण बंद करके केवल गरीबों को देना चाहिए।
मौजूदा प्रस्ताव भाजपा की गहरी चाल है। अभी तक भाजपा ये नहीं कर पाई थी क्योंकि संविधान के मुताबिक गरीबी के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता। अब भाजपा संविधान संशोधन करने जा रही है। एक बार गरीबी के आधार पर आरक्षण शुरू हो गया तो भाजपा की योजना है कि उसके बाद जातिगत आरक्षण ख़त्म करके पूरा आरक्षण आर्थिक आधार पर कर देंगे।

आतिशी ने कहा हमें कई सूत्रों के हवाले से पता चला है कि यह भाजपा और आरएसएस का सांझा षड्यंत्र है। आम आदमी पार्टी का यह कहना है कि अगर भाजपा ने देश से  दलितों को मिलने वाले आरक्षण को खत्म करने की कोशिश की तो आम आदमी पार्टी उसका पुरजोर विरोध करेगी।


प्रेस वार्ता में मौजूद आम आदमी पार्टी के विधायक मनोज कुमार जो कि खुद भी दलित समाज से संबंध रखते हैं, उन्होंने कहा की भाजपा का सवर्णों को यह 10% आरक्षण देना केवल और केवल एक जुमला है। क्योंकि लोकसभा चुनाव आने वाले हैं और भाजपा अभी 3 राज्यों में बुरी तरह से चुनाव हारी है। उसी हार को देखते हुए डर की वजह से भाजपा ने देश की जनता को लुभाने के लिए यह 10% आरक्षण का जुमला छोड़ा है।


भाजपा को न तो सवर्णो से कुछ लेना-देना है और न ही भाजपा को देश के संविधान पर भरोसा है। ये वही भाजपा है जिसने कुछ समय पहले दिल्ली में देश के संविधान की कॉपियों फाड़ी थी।  आरएसएस और भाजपा का मकसद सदैव, दलितों को मिलने वाला आरक्षण समाप्त करना रहा है। और भाजपा का यह कदम उसी षड्यंत्र का एक हिस्सा हो सकता है। साथियों भाजपा की चाल समझो। समय आ गया है सारे SC, ST और OBC इकट्ठे होकर इस बार भाजपा को हराओ। अगर मोदी दोबारा आ गया, तो हमारा आरक्षण खत्म कर देगा।

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