प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली की कच्ची कालोनियों को पक्का करने के खिलाफ हैं : AAP

By: Administrators

शुक्रवार 30 नवम्बर 2018, प्रेस वार्ता में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्वी दिल्ली की लोकसभा प्रभारी आतिशी ने बताया कि केंद्र सरकार जानबूझ कर सत्येन्द्र जैन को झूठे केस में फ़साने की कोशिश कर रही है। गृह मंत्रालय से जुड़े कुछ कागजात का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इन कागजों में साफ़ तौर पर देखा जा सकता है कि आप केंद्र सरकार ने सीबीआई को सत्येन्द्र जैन पर कार्यवाही करने के आदेश दिए हैं और इसका सिर्फ और सिर्फ एक ही कारण है कि दिल्ली में जो आम आदमी पार्टी की सरकार है वो दिल्ली की कच्ची कालोनियों में विकास कार्य करवा रही है। क्योंकि सत्येन्द्र जैन दिल्ली के शहरी विकास मंत्री है, और तेजी से दिल्ली में विकास के कार्य करवा रहे है, इस बात से परेशान होकर केंद्र सरकार ने सत्येन्द्र जैन के खिलाफ ये षड्यंत्र रचा है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी आधे से ज्यादा समय विदेशो में बिताते हैं। विदेशो में जा जा कर कहते हैं की हम दिल्ली को इंग्लैंड बनाएँगे, हम दिल्ली को सिंगापुर बनाएँगे। परन्तु उनके कहने के पीछे का जो सच है वो कुछ और ही है। दरअसल वो दिल्ली को सिंगापुर तो बनाना चाहते हैं परन्तु दिल्ली की कच्ची कालोनियों का विकास करके नहीं बल्कि दिल्ली में से सारी कच्ची कालोनियों को उजाड़ कर, इन कालोनियों में रहने वाले लोगो को सड़क पर ला कर, और अपने कुछ व्यापारी मित्रों के फायदे के लिए, उन कालोनियों की जगह पर नए शहर बसा कर, इस प्रकार से दिल्ली को हांगकांग बनाना चाहते हैं और सिर्फ यही करण है कि हमारे शहरी विकास मंत्री सत्येन्द्र जैन पर सीबीआई के माध्यम से केस किया जा रहा है। 

सीबीआई द्वारा लगाए गए इलज़ाम की अगर गहराई से जांच करी जाए तो ये पूरी तरह से हास्यास्पद नज़र आता है। सीबीआई द्वारा लगाए गए इलज़ाम के अनुसार सत्येन्द्र जैन ने 2010-11 में उत्तरी-पश्चिमी दिल्ली के अनियमित इलाके में 200 बीघा जमीन खरीदी थी। पहली बात तो ये की सीबीआई ये साबित भी नहीं कर पाई है कि ये जमीन सत्येन्द्र जैन की है। ये एक बेनामी संपत्ति है, और केंद्र के इशारे पर सीबीआई जबरदस्ती इसे सत्येन्द्र जैन के नाम से जोड़ कर दिखा रही है। 

सीबीआई के अनुसार सत्येन्द्र जैन को 2010 में ही पता चल गया था कि 2012 में दिल्ली में एक आन्दोलन होगा,  फिर आम आदमी पार्टी बनेगी, फिर सत्येन्द्र जैन को विधायक का चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा, फिर दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बन जाएगी, उसके बाद सत्येन्द्र जैन को शहरी विकास मंत्री बना दिया जाएगा, और फिर सत्येन्द्र जैन दिल्ली की कच्ची कालोनियों को पक्का करने का काम करेंगे ताकि उनके द्वारा खरीदी गई 200 बीगे ज़मीन पर उन्होंने जो इन्वेस्टमेंट किया था उसका अच्छा रिटर्न्स उनको मिल सके। ये बड़ा ही आश्चर्यजनक है की इस देश का सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक संस्थान सीबीआई इस प्रकार की हास्यास्पद इलज़ाम अपनी FIR में लिख रही है। इन सब तथ्यों से ये साफ ज़ाहिर होता है कि ये कार्यवाही सिर्फ इसलिए की जा रही है क्योंकि दिल्ली में विकास के कार्य हो रहे हैं और आम आदमी पार्टी की साख और भी तेजी से दिल्ली और देश की जनता के बीच ऊपर उठती जा रही है। 

आम आदमी पार्टी से पहले दिल्ली में जो भी सरकार रही वो सभी सरकारे वोट मांगने के समय तो कच्ची कालोनियों में पहुँच जाते थे लेकिन जब विकास की बात आती थी तो हाथ खड़े कर लेते थे, की ये कच्ची कालोनी है यहाँ सरकार का पैसा विकास कार्यों में नहीं लगाया जा सकता। आम आदमी पार्टी के सरकार पहली सरकार है जिसने सरकार में आते ही दिल्ली के लगभग 1700 कच्ची कालोनियों को पक्का करने का प्रस्ताव कैबिनेट में पास करके केंद्र सरकार को भेज दिया। परन्तु जैसा की सभी जानते हैं केंद्र सरकार दिल्ली सरकार के सभी कामों में रोड़ा अटकती आई है, यहाँ भी यही हुआ। पिछले साढ़े 3 साल से केंद्र सरकार उस फ़ाइल को दबा कर बैठी है। इन कच्ची कालोनियों में लगभग एक करोड़ लोग रहते हैं, लेकिन केंद्र सरकार को इन एक करोड़ लोगो से कोई सरोकार नहीं है, और केंद्र सरकार इन कालोनियों को पक्का करने के मूड में नहीं है। 

आतिशी ने बताया दिल्ली सरकार के अलग अलग विभाग, अलग अलग कार्यों में करीब 2500 करोड़ के प्रोजेक्ट से कच्ची कॉलोनियों का काया कलप करने में लगे हैं। ये सारे काम करीब 650 कॉलोनियों में या तो चल रहे हैं या पूरे हो चुके हैं।

आतिशी ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार पहली सरकार है जिसने दिल्ली की कच्ची कालोनियों को पक्का करने का काम शुरू किया। लेकिन केंद्र सरकार नहीं चाहती की दिल्ली की कच्ची कालोनियों में रहने वाले लोग एक सभ्य और गर्व की जिंदगी जी सकें। सीबीआई के इस कागज़ में साफ़ तौर पर लिखा है की हम सत्येन्द्र जैन पर इसलिए कार्यवाही कर रहे हैं क्योकि वो दिल्ली की कच्ची कालोनियों को पक्का करना चाहते हैं, वो कच्ची कालोनियों में रहने वाले लोगो को एक सभ्य जिन्दगी देना चाहते हैं। इससे ज्यादा खुला और स्पष्ठ विरोध कच्ची कालोनियों में रहने वाले गरीब लोगो का क्या हो सकता है। मोदी जी सीधे तौर पर कह रहे हैं की कच्ची कालोनियों के लोग ऐसे ही टूटी सडको, गन्दी नालियों और बिना सीवर के अपनी जिंदगी जीते रहेंगे। 

मीडिया के माध्यम से आतिशी ने प्रधानमंत्री मोदी जी से कुछ सवाल किए.....

1- मोदी जी क्यों नहीं चाहते की दिल्ली की कच्ची कालोनियों में विकास के कार्य हों?
2- मोदी जी क्यों नहीं चाहते की कच्ची कालोनियों में रहने वाले लोग भी एक सभ्य जिन्दगी जी सकें, जहाँ पर सड़कें ठीक हों, नालियां ठीक हों, सीवर की लाइने हों?
3- मोदी जी दिल्ली की जनता का इतना विरोध क्यों कर रहे हैं?

प्रेस वार्ता में मौजूद गाँधी नगर के विधायक अनिल बाजपाई ने कहा की पूर्वी दिल्ली में ज्यादर इलाका अनऔथोराइज़ड कोलोनियों का है। आम आदमी पार्टी की सरकार एक पहली सरकार है जिसने इन कच्ची कालोनियों को पक्का करने का काम किया। ये तो एक अच्छा काम है, लेकिन इसमें भी मोदी जी को परेशानी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कई इलाके ऐसे हैं जहाँ कभी पानी नहीं था, हमारी सरकार ने वहां पानी पहुंचाने का काम किया। आज दिल्ली में कहीं भी लोगो से बात करके देख लो सभी लोग कहते हैं की मोदी जी जानबूझकर केजरीवाल को काम नहीं करने दे रहे। सत्येन्द्र जैन पर हुए केस को लेकर दिल्ली की जनता में बड़ा रोष है। सभी केंद्र सरकार की आलोचना कर रहे हैं।

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