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मुसलमान दलित आदिवासी और क्रिश्चियन को लेकर नदीम जावेद का बड़ा बयान

By: Ahmad Mohammad
CONGRESS MINORITY DEPARTMENT PRESIDENT NADEEM JAVED ADDRESSED INTELLECTUAL GATHERING FROM "WATAN SAMACHAR FORUM" @ PRESS CLUB OF INDIA

जमीनी स्तर पर इतने चैलेंज की भरमार

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में "वतन समाचार फोरम" की ओर से आयोजित एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक डिपार्टमेंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक उत्तर प्रदेश कांग्रेस पार्टी नदीम जावेद ने कहा कि जब तक देश के मुसलमान दलित पीड़ित शोषित वंचित आदिवासी अल्पसंख्यक और क्रिश्चियन आगे नहीं बढ़ेंगे उस वक्त तक हमारा तरक्की का सपना अधूरा रहेगा. नदीम जावेद ने कहा कि आज हमारे सामने चैलेंजेज की भरमार है. जमीनी स्तर पर इतने चैलेंज हैं जिनको गिनाया जाना असंभव है.

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AZAN GROUP MANAGING PARTNER MOHAMMAD ATHER RECEVING "WATAN KE SIPAHI AWARD-2018" @ PRESS CLUB OF INDIA ORGANIZED BY "WATAN SAMACHAR FORUM"

समाज अपने अंदर तबदीली लाये

उन्होंने कहा कि अगर आप किसी गांव में चले जाएं तो वहां प्रधान स्तर पर 3 लोग मौजूद हैं, एक खान साहब दूसरे सैयद साहब की और तीसरे अंसारी साहब. अगर आप 1 के यहां चले गए तो बाकी दो आपसे सलाम तक करना गवारा नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि हमें यह सोचना है कि ऐसे माहौल में हम कैसे आगे बढ़ें?  उन्होंने कहा कि समाज को अपने अंदर तब्दीली लानी होगी. उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मैं अकेला प्रत्याशी था जो 80,000 वोट पाकर भी हार गया. जब प्रधानमंत्री मोदी ने श्मशान और कब्रिस्तान की बात की उस वक्त टाइम्स ऑफ इंडिया और ET ने मेरे जरिए बनाये गए सबसे बड़े श्मशान घाट की फोटो लगा दी, लेकिन जब वोट की बारी आई तो सो कॉल्ड लोगों ने कहा कि आप "फलां" समाज से आते हैं इसलिए हम आप को वोट नहीं देंगे.

 

टू नेशन थ्योरी स्वीकारने वाले समाज में मौजूद

 उन्होंने कहा कि दोनों तरफ के राइटिंग खतरनाक हैं. दोनों राइट विंग एक दूसरे के लिए ताकत का काम करते हैं. एक समाज में मौजूद है, दूसरा राइट-विंग सूट बूट वाला था. दोनों ने टू नेशन थ्योरी को स्वीकारा था. दोनों समाज के लिए जहर हैं.

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CONGRESS MINORITY DEPARTMENT PRESIDENT NADEEM JAVED ADDRESSING INTELLECTUAL GATHERING FROM "WATAN SAMACHAR FORUM" @ PRESS CLUB OF INDIA

पार्टी फोरम पर लॉजिकल ढंग से उठायें समाज की बात

उन्होंने कहा कि हमें पार्टी की आवाज को बल देना है लेकिन, पार्टी फोरम पर हम अपने समाज की बात उठाने में कितने सफल होते हैं इसका भी हमें आत्म चिंतन करने की जरूरत है. लीडरशिप लफ़्ज़ों के जाल में फंसने वाली नहीं है. आपको लीडरशिप के सामने लॉजिकल बात करनी होगी कि मेरे समाज पिछड़ा है, उसके पिछड़ेपन का यह कारण है. उस समाज को इस तरह से आगे लाया जा सकता है, जिस के लिए यह यह स्टेप फॉलो करने होंगे.

 

फोरम की संगोष्ठी में मौजूद लोग ओपिनियन मेकर

 नदीम जावेद ने कहा कि आज इस फोरम में जितने लोग यहां उपस्थित हैं वह कोई आम जन नहीं हैं. सब के सब ओपिनियन मेकर हैं. इनकी लिखी हुई तहरीरों को लाखों लोग पढ़ते हैं. इसलिए मेरी आप लोगों से अपील है कि एक ऐसे समाज को बनाने के लिए काम करें जिसमें गांधी-नेहरु और आजाद का सपना हो. जो वीर अब्दुल हमीद अशफाक उल्ला खान और भगत सिंह के ख्वाबों का हिंदुस्तान हो. जिसमें हिंदू मुस्लिम सिख इसाई सब के सब सुरक्षित हों और मिलजुल कर काम करें.

 

नदीम जावेद ने कहा कि देश के मुस्लिम नेतृत्व के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती मिलीजुली संस्कृति को बचाने और समुदाय के भीतर के मतभेदों को खत्म करने की जरूरत है। जावेद ने ‘वतन समाचार फोरम’ नामक संस्था की ओर से आयोजित संगोष्ठी में कहा, ‘‘ मुस्लिम समाज में कई पंथ हैं। मसलन , शिया सुन्नी , बरेलवी आदि। इनको अपने मतभेदों को खत्म करने की जरूरत है।’’ उन्होंने कहा कि देश के मुस्लिम नेतृत्व को मिलीजुली संस्कृति को सुरक्षित रखने के लिए काम करने की जरूरत है।

 शिक्षा से हल होंगे समस्या

 इस मौके पर मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय के कुलाधिपति फिरोज बख्त अहमद ने कहा कि मुस्लिम समुदाय को सिर्फ शिक्षा और इस बात पर ध्यान देने की जरूरत है कि कैसे समुदाय के बारे में बनी कुछ धारणाओं को बदला जाए। उन्होंने कहा,‘‘ हमें शिक्षा पर ध्यान देना होगा और पार्टी लाइन से ऊपर उठकर लोगों की भलाई के बारे में सोचना होगा। ’’

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