माता-पिता बच्चों की अनदेखी ना करें, उन्हें कुछ समय जरूर दें: बिलाल अहमद (INC)

जैतपुर में दर्जनों मकातिब के कई बच्चों को मिला पुरस्कार, मुफ्ती इमरान, मुफ्ती नदीम और मौलाना अब्दुल माजिद ने छात्रों को संबोधित किया

By: Watan Samachar Desk
Parents could not ignore children, give them some time: Bilal Ahmed (INC)

नई दिल्ली, 26 नवंबर: दिल्ली के जैतपुर में मौजूद दर्जनों मकातिब के बच्चों के मानसिक और शैक्षिक क्षमताओं की परख के लिए क्षेत्र के सम्मानित सामाजिक कार्यकर्ता और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता बिलाल अहमद के नेतृत्व में प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें बच्चों ने  अपने कौशल दिखाए और सफल छात्रों को पुरस्कार प्रदान किया गया। 

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SENIOR CONGRESS LEADER BILAL AHMAD AND OTHERS HONORING WINNER STUDENT 

इस प्रतियोगिता के लिए कुल 43 बच्चों का चयन किया गया, जिसमें सभी श्रेणियों में पहली दूसरी और तीसरी पोजीशन हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को क्रमश 15 सौ, 12 सौ और 1 हजार रुपये नकदी के साथ-घड़ी दी गई। जो छात्र पोजीशन नहीं ला सके उन्हें भी पुरस्कार के रूप में घड़ी दी गई। इस कार्यक्रम के कर्ता धर्ता बिलाल अहमद ने मीडिया को बताया कि बच्चों को अलग अलग श्रेणियों के तहत इस्लामी जीवन शैली, कुरान के मखारिज, तिलावत-ए-  कलाम पाक, कुरान की तरतील और मसनून दुआएं जैसे विषय दिए गए थे, जिसमें बच्चों ने अविश्वसनीय प्रदर्शन किया और प्रतिष्ठित छात्रों को सम्मानित किया गया और अन्य बच्चों को भी पुरस्कार दिया गया ताकि उनके दिल को चोट न लगे।


बिलाल अहमद ने कहा कि हमारा प्रयास बच्चों को प्रशिक्षित करना है ताकि वे कल को बेहत कर सकें। उन्होंने कहा कि हमारे बच्चों में क्षमता की कमी नहीं है। अगर कमी और कोताही है तो वह हमारे अंदर है कि हम (माता-पिता) उनकी तरबियत को लेकर इस भागदौड़ भरी जिंदगी में लापरवाह रहते हैं, लेकिन जरूरी है कि हम अपने बच्चों के लिए समय निकालें अन्यथा आने वाला कल हमें माफ नहीं करेगा।


 इस अवसर पर मुफ्ती इमरान ज़फर कासमी, मुफ्ती नदीम आबिद (फ़िक़्ह अकादमी) और मौलाना अब्दुल माजिद ने भी संबोधित किया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि जो बच्चे पुरस्कार पाने से वंचित रह गए हैं वे निराश न हों और मेहनत करें, क्योंकि कदम चूम लेती है खुद बढ़ के मंज़िल, मुसाफिर अगर अपनी हिम्मत न हारे।


 उन्होंने छात्रों से नैतिकता और विश्वास के सार से परिचित होने की अपील की। ​​उन्होंने कहा कि हमारे लिए कुरान और सुन्नत के अनुसार जीवन जीना जरूरी है। अगर हम इसमें कोताही करेंगे तो दोनों जहान में पकड़ होगी। उन्होंने कहा कि आज, बच्चों को कड़ी मेहनत करनी चाहिए और समाज के लिए खुद को मुफीद बनाना चाहिए , ताकि हम दोनों दुनिया में सफल हो सकें।

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