अब नहीं मिलेगा नजीब अहमद? सीबीआई को जांच...

By: Watan Samachar Desk

नयी दिल्ली: जेएनयू के लापता छात्र का पता लगाने में नाकाम रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने सी.बी.आई. को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. हाईकोर्ट ने कहा कि शिकायत है तो नजीब की मां को ट्रायल कोर्ट जाना चाहिए. कुल मिला कर दिल्ली हाईकोर्ट ने जेएनयू के लापता छात्र नजीब अहमद के मामले में सीबीआई को जांच बंद करने की अनुमति दे दी है। 


ज्ञात रहे कि पिछले 4 सितंबर को हाईकोर्ट ने इस मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।हाईकोर्ट ने कहा कि नजीब की मां को अगर जांच की स्टेटस रिपोर्ट चाहिए तो वो इस के लिए ट्रायल कोर्ट में याचिका दायर कर सकती हैं।
माँ फातिमा नफीस ने कोर्ट में अर्जी दायर कर मांग की थी कि वह नजीब को ढूंढने के लिए एसआईटी गठित करने का निर्देश दे. सीबीआई नजीब अहमद के लापता होने के मामले में कोर्ट में सीलबंद लिफाफे में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर चुकी है।
 सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कोर्ट को बताया था कि वो एक क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करना चाहती है। नजीब अहमद की मां ने सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी। हाईकोर्ट ने सीबीआई को फटकारते हुए कहा था कि सीबीआई की ओर से इस मामले में दिलचस्पी का अभाव है।


पिछले 16 मई 2017 को दिल्ली हाईकोर्ट ने जे.एन.यू. के लापता छात्र नजीब अहमद के लापता होने के मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिया था। इसके बाद 29 जून को सीबीआई ने नजीब का सुराग देने वाले को 10 लाख रुपये का ईनाम देने की घोषणा की थी।


हाई कोर्ट ने नजीब का कोई सुराग न मिल पाने पर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को फटकार लगाई थी. कोर्ट ने कहा था कि आप हर हालत में उसे ढूंढ़ने निकालिए. हमें रिजल्ट चाहिए. नजीब अहमद 15 अक्टूबर 2016 से गायब है और अब इस मामले में सब कुछ धरा का धरा रह जाये गा ऐसा लगता है.

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