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मुसलमानों की पीठ में छुरा घोंप रही है केजरीवाल सरकार?

केवल वक़्फ़ संपत्ति पर कब्जा क्यों? गुरुद्वारों और ईसाइयों की संपत्ति पर कब्ज़ा क्यों नहीं है? शाहिद अली एडवोकेट का सवाल

By: Watan Samachar Desk
Arvind Kejriwal (L) and Shahid Ali Advocate

नई दिल्ली, 03 फरवरी। वक़्फ़ संपत्ति को मुक्त करने के लिए यूनाइटेड मुस्लिमस फ्रंट की ओर से लगातार संघर्ष किया जा रहा है और राज्य व् केंद्र से बार बार मांग की जा रही है कि जो लोग अवैध रूप से वक़्फ़ संपत्ति पर क़ाबिज़ हैं, उनसे वक़्फ़ संपत्ति को आज़ाद करा कर उसे मुसलमानों को सौंप दिया जाना चाहिए। शाहिद अली एडवोकेट, (राष्ट्रीय अध्यक्ष यूनाइटेड मुस्लिमस फ्रंट) ने कहा है कि केवल वक़्फ़ संपत्ति पर ही सरकार और दुसरे लोगों का कब्जा क्यों है? गुरुद्वारों और ईसाइयों की संपत्ति पर कब्जा क्यों नहीं है?

 

 उन्हों ने कहा कि यदि उम्मत को खड़ा करना है, तो केवल वक़्फ़ संपत्तियों को आज़ाद करा लो, सच्चर समिति के अनुसार, इस वक़्त मुसलमान दलितों से भी ज़्यादा पिछड़ गए हैं, और अगर बेदार (जागरूक) नहीं हुए तो उनका अपना वजूद खतरे में पड़ जाएगा। उन्हों ने कहा कि यदि वक़्फ़ आज़ाद हो जाये तो उस से सर्वश्रेष्ठ स्कूल और अस्पताल स्थापित किये जा सकते है। उन्हों ने कहा कि हम को वक़्फ़ संपत्ति को आज़ाद कराने के लिए पार्टियों और संप्रदायों से ऊपर उठ कर लड़ना होगा, और दलितों से सीख लेनी होगी कि किस तरह से वह लोग अपने हक़ के लिए पार्टी लाइन से ऊपर उठ कर काम करते हैं तभी सफलता मिल सकती है।

 

उन्होंने कहा कि वक़्फ़ संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा खाली कराने के लिए हम ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक पत्र भेजा था, और उन से करोड़ों की ज़मीन खली कराने की मांग की गयी थी, लेकिन जब उन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया उस के बाद, मैंने अदालत में याचिका दायर की और वक़्फ़ संपत्ति को आज़ाद कराने के लिए कोर्ट से आर्डर रिलीज़ करने को कहा, जिसे कोर्ट ने स्वीकारा और अदालत द्वारा आदेश पारित करने के बाद भी इस पर केजरीवाल सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की.

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