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युवा देश के लिए सम्पत्ति बनें, बोझ नहीं: हुसैनी

एक्शन में जमाअत के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष, पहली ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया के सवालों का दिया बेहतर जवाब, लोगों को नयी सुबह की आस

By: Watan Samachar Desk
जमाअत इस्लामी हिंद के नवनिर्वाचित अमीर (राष्ट्रीय अध्यक्ष) सैयद सआदतुल्ला हुसैनी मीडिया से बात चीत करते हुए

हुसैनी ने पिटीपिटायी लकीरों के विपरीत पहली ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए पॉजिटिव काम के संकेत 

नई दिल्ली, 8 अप्रैल| जमाअत इस्लामी हिंद के नवनिर्वाचित अमीर (राष्ट्रीय अध्यक्ष) सैयद सआदतुल्ला हुसैनी ने देश के सभी युवाओं से ये आह्वान किया कि वो “देश के लिए संपत्ति बनें, न की बोझ.”  सैयद सआदतुल्ला हुसैनी सोमवार को जमाअत के केंद्रीय मुख्यालय (अबुल फज़ल)में बतौर अमीर अपने पहले संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे. उन्हों ने कहा कि “युवाओं को वर्तमान स्थिति पर ध्यान देना चाहिए. उन्हें शिक्षा के साथ खुद को सशक्त बनाना चाहिए.” उन्होंने कहा कि "एक मुसलमान के रूप में हमें अपने शब्द, कर्म, वचन और चरित्र के माध्यम से इस्लाम के संदेश को फैलाना चाहिए. इस्लाम शांति और भलाई की मिशाल है,”

आगामी लोकसभा चुनाव के बारे में एक पत्रकार के प्रश्न परसआदतुल्ला हुसैनी ने देश के मतदाताओं को अपना संदेश देते हुए कहा, "विकास के मुद्दों के आधार पर वोट देंन कि भावनात्मक मुद्दों पर, क्योंकि राजनीतिक दल समाज को विभाजित कर रहे हैं."

 

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पहले की तरह जमाअत ने न तो पूरी तरह कांग्रेस या किसी अन्य पार्टी का समर्थन किया है और न ही किसी पार्टी का विरोध किया है. उन्होंने कहा कि "हम उन दलों या उम्मीदवारों का समर्थन करते हैं जो सांप्रदायिक ताकतों और विभाजनकारी राजनीति को हराने की स्थिति में हैं." हम किसी भी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं हैं लेकिन हम वास्तव में नफरत और सांप्रदायिक राजनीति के खिलाफ हैं, उक्त बातें सआदतुल्ला हुसैनी ने कही जिन्हें 157-सदस्यीय प्रतिनिधि सभा की 5-दिवसीय बैठक के अंत में शनिवार को जमाअत के राष्ट्रीय अध्यक्ष (अमीर) के रूप में चुना गया था. उन्होंने सोमवार को सुबह निवर्तमान अध्यक्ष (अमीर) मौलाना सैयद जलालुद्दीन उमरी से अमीर के रूप में पदभार ग्रहण किया.

 

ये पूछे जाने पर कि भारत के मुस्लिम समुदाय के लिए उनका क्या सन्देश है विशेषकर कि युवाओं के लिए, सैयद सादतुल्लाहहुसैनी जो इलेक्ट्रॉनिक्स और टेली-कम्युनिकेशन से  इंजीनियरिंग में स्नातक हैं ने कहा, “हमारे समुदाय को हिंदू, सिख, और ईसाई सहित सभी धार्मिक समुदायों के साथ अपने संबंधों को मज़बूत करना चाहिए. सांप्रदायिक राजनीति के कारण समाज में सांप्रदायिक विभाजन बढ़ रहा है.”

मोहम्मद सलीम इंजीनियर, एस अमीनुल हसन और मोहम्मद जाफ़र को जमात ने बतौर उपाध्यक्ष कि पद पर चयनित किया. टी आरिफ अली जमाअत के नए महासचिव नियुक्त किये गए. निवर्तमान अमीर मौलाना उमरी और महासचिव सलीम इंजीनियर ने भी मीडिया को संबोधित किया.

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