04 अप्रैल को थम जाएगी राजधानी

watansamachar desk
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सुप्रीम कोर्ट के जरिए तीन तलाक को अवैध बताए जाने के बावजूद मोदी सरकार के जरिए तीन तलाक से संबंधित बिल संसद के निचले सदन (लोकसभा) में पेश और पास किए जाने के बाद से ही तीन तलाक पर पूरे देश में हंगामा शुरू हो गया है, हालांकि यह बिल अभी संसद के ऊपरी सदन (राज्यसभा) में पिछले कई महीने से लटका हुआ है लेकिन ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड समेत देश के कई अहम संगठन इस बिल का विरोध कर रहे हैं.

 

बड़ी बात यह है कि मोदी सरकार इस बिल की आड़ में महिलाओं की रक्षा और सुरक्षा की बात कर रही थी और पार्लिमेंट के निचले सदन में बीजेपी की ओर से इस बिल को ले कर महिलाओं की आज़ादी की बात की गयी थी और उन के हक़ में कई भाषण भी सुनने में मिले थे, लेकिन इस बिल के विरोध में सबसे आगे महिलाएं नजर आ रही हैं.

जयपुर, भोपाल से लेकर लखनऊ तक भारत का कोई ऐसा शहर और कोई ऐसी राजधानी नहीं बची है जहां इस बिल को लेकर महिलाएं सड़कों पर ना उतरी हों. अहम बात यह है कि इस बिल के विरोध में महिलाएं हजारों की तादाद में नहीं बल्कि लाखों की संख्या में सड़कों पर उतर रही हैं, जिससे मोदी सरकार काफी परेशान नजर आ रही है. सूत्रों की मानें तो सरकार को अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि की काफी चिंता सता रही है, इसलिए वह इस बिल को लेकर गंभीरता पूर्वक विचार कर रही है, और शायद इसी वजह से अभी तक राज्यसभा में इस बिल को पास नहीं किया गया है.

 

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड आगामी 04 अप्रैल को देश की राजधानी दिल्ली में भी लाखों की तादाद में महिलाओं के साथ धरने के जरिये इस बिल के विरोध की तय्यारी कर रहा है. इस की तैयारियां पिछले कई महीनों से चल रही हैं. अहम बात यह है कि पिछले कई दिनों से बोर्ड के महासचिव मौलाना मोहम्मद वली रहमानी दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं. बीते रोज इस संबंध में जमाते इस्लामी हिंद के कैंपस में एक उच्च स्तरीय मीटिंग का आयोजन किया गया जिसमें जमाते इस्लामी हिंद के मुखिया मौलाना सैयद जलालुद्दीन उमरी, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के सचिव मौलाना फज्लुर्रहीम मुजद्दिदी, महिलाओं की तरफ से आसमान ज़ोहरा सदस्य मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड, मम्दूहा माजिद  मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड, प्रोफेसर हसीना हाशिया जामिया मिल्लिया इस्लामिया और अतिया सिद्दीका सचिव जमात-ए-इस्लामी महिला विंग आम आदमी पार्टी के नेता विधायक अमानतुल्ला खान लोक जनशक्ति पार्टी के पूर्व विधायक और कांग्रेस के नेता शोएब इकबाल समेत कई अहम लोग उपस्थिति थे.

 

इस पूरे मामले पर वतन समाचार से बातचीत करते हुए बोर्ड के सदस्य और टेलीविजन का अहम चेहरा मुफ्ती एजाज़ अरशद कासमी ने कहा कि जिस तरह सरकार इस्लाम के उसूलों में दखल देने की कोशिश कर रही है उसे हम किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि मुल्क के विभिन्न शहरों में इसको लेकर प्रदर्शन रोज हो रहे हैं और संबंधित अधिकारियों के जरिए सरकार तक ज्ञापन भी पहुंचाए जा रहे हैं.

 

उन्होंने कहा कि दिल्ली के रामलीला ग्राउंड में 4 अप्रैल को एक बड़े धरने की तैयारी चल रही है. बोर्ड के साथ-साथ हमारे हिंदू भाई भी इस में सहयोग दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने एक साथ तीन तलाक को सीधे तौर पर प्रतिबंधित कर दिया है उसके बाद भी सरकार जिस तरह बिल ला रही है और सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जिस तरह से तलाक की प्रथा को ही खत्म करने की कोशिश की थी वह निंदनीय है और उसे किसी भी सूरत में कामयाब नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि भारत एक जनतांत्रिक और लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करने वाला देश है और इसी को पालन करते हुए हम आगे बढ़ रहे हैं जिस का अधिकार हमें डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने दिया था.


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