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इजराईली प्रधानमंत्री के दौरे का देश भर में होगा विरोध: मौलाना महमूद मदनी

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आज यहां इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर नई दिल्ली में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के सहयोग से फिलिस्तीन मसले पर गठित कोर कमेटी की एक अहम बैठक आयोजित हुई, जिसमें देश की विभिन्न संगठनों से संबंध रखने वाले लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. यह कमेटी बीते माह 30 दिसंबर को नई दिल्ली में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के बैनर तले आयोजित एक संगोष्ठी में फिलिस्तीन के मसले पर एक राय बनाने और देश के विभिन्न वर्गों का सहयोग हासिल करने के लिए गठित की गई थी. इस बैठक में विशेष रुप से इजराईली प्रधानमंत्री बेंजामिन नितिन याहू के भारत दौरे की चर्चा हुई जो 14 जनवरी को अहमदाबाद से अपने दौरे की शुरुआत करने वाले हैं. इस बैठक में इस बात पर आम सहमति हुई कि भारत हमेशा से फिलिस्तीन मसले पर फिलिस्तीनियों का हामी और दोस्त रहा है, भारत ने हमेशा वहां के दबे कुचले मजलूम लोगों के हितो की रक्षा के लिएय आवाज़ उठाई है और यही देश की परम्परा रही है. इसलिए इस देश के नागरिकों की यह जिम्मेदारी है कि वह इजरायली प्रधानमंत्री के दौरे की का विरोध करें और फिलिस्तीन की जनता के साथ सहयोग के तौर पर उनसे मोहब्बत और दोस्ती का इजहार हो इसी चीज को देखते हुए आज की बैठक में तय पाया कि विभिन्न रास्तों को अपनाते हुए इजराईली प्रधानमंत्री के दौरे का विरोध किया जाए और फिलिस्तीन के सिलसिले में भारत की पुरानी नीति को दुनिया के सामने लाया जायेगा. मौलाना महमूद मदनी ने इस अवसर पर फिलिस्तीन के मसले को भारत के वक़ार और रेपुटेशान से जोड़कर देखने की बार करते हुए कहा कि एक भारतीय नागरिक होने के नाते उनकी यह जिम्मेदारी है कि वह इस बात पर सोचें कि बदले हुए हालात में भारत की विदेश नीति को किस दिशा में ले जाने की कोशिश हो रही है और इस के दूरगामी क्या नतीजे होंगे. मीटिंग में यूएन में फिलिस्तीन के हक में वोट डालने के लिए भारत सरकार के मत की प्रशंसा भी की गई और इस पर सहमति बनी कि इस संबंध में प्रधानमंत्री विदेश मंत्री और नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर को एक पत्र भेजा जाएगा. ज्ञात रहे कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जरिए यरूशलम को इजराइल की राजधानी घोषित किए जाने के बाद इस संबंध में जमीयत उलेमा हिंद ने 20 दिसंबर को देश की विभिन्न सियासी, सामाजिक संगठनों और अरब देशों के राजदूतों पर गठित नई दिल्ली में एक हंगामी संगोष्ठी आयोजित करके एक प्रस्ताव मंजूर किया था, जिस में भारत सरकार से इस बात की अपील की गयी थी कि वह अपना वाजेह मौकिफ़ दुनिया के सामने रखे. जिस के बाद भारत ने यूएन में फिलिस्तीन की हिमायत की थी. जिस पर आज संतोष प्रकट किया गया . इस मीटिंग में जमीयत उलमा हिंद के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना महमूद मदनी इंडिया इस्लामिक कल्चर सेंटर के अध्यक्ष सिराजुद्दीन कुरैशी, जान दयाल प्रधान महासचिव ऑल इंडिया किरिस्चन काउंसिल अशोक भारती दलित नेता नवेद हामिद अध्यक्ष ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिसे मुशावरत मौलाना नियाज़ फारूकी सदस्य वर्किंग कमेटी जमीयत उलमा हिंद ने अपने विचार रखे. इन के साथ उप राजदूत फिलिस्तीन (ऐ ऐ बत्रिखी डी सी एम् फिलिस्तीनी दूतावास) ने स्पेशल इनवाईटी के तौर पर अपनी उपस्थिथि दर्ज करायी.

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