मासूमों के सुरक्षित भविष्य के लिए एकसाथ जॉर्डन के शाह और दलाई लामा

watansamachar desk
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नई दिल्ली: विश्व के कई हिस्सों में अशांति और संघर्ष में सबसे अधिक बच्चों के प्रभावित होने की पृष्ठभूमि में कई जानीमानी हस्तियां  अगले सप्ताह जॉर्डन में एक मंच पर साथ आएंगी और मासूमों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के प्रयासों पर मंथन करेंगी.

‘लॉरेट्‌स एंड लीडर्स फॉर चिल्ड्रेन’ शिखर बैठक में जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय बिन अल हुसैन, तिब्बती आध्यात्मिक गुरू दलाई लामा, नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी, पनामा के राष्ट्रपति जुआन कार्लोस वरेला रोड्रिग्वेज, केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री  मेनका गांधी,  जॉर्डन के शाही परिवार के सदस्य  अली बिन अल हुसैन, अमेरिका की मानवाधिकार कार्यकर्ता केरी केनेडी और कई देशों के नेता एवं नोबेल पुरस्कार विजेता शामिल होंगे.

‘कैलाश सत्याथी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन’ की ओर से जारी बयान के मुताबिक सत्यार्थी द्वारा संस्थापित ‘लॉरेट्‌स एंड लीडर्स फॉर चिल्ड्रेन’ शिखर बैठक का आयोजन इस बार जॉर्डन के डेड सी के किंग हुसैन बिन तलाल कन्वेंशन सेंटर में हो रहा है. इसका आयोजन जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय के संरक्षण में हो रहा है.

सत्यार्थी ने एक बयान में कहा,  ‘‘ रोजाना अनेक बच्चे युद्धों, आपदाओं और मानव तस्करी के संगठित अपराध के कारण अपने घरों, परिवारों, शिक्षा और भविष्य से वंचित हो रहे हैं.इसे रोकना होगा.’’

उन्होंने कहा, ‘‘ राजनीतिक इच्छाशक्ति दृढ़ बनाने के लिए इस तत्काल ज़रूरत, सामूहिक जिम्मेदारी, और प्रबल नैतिक सहमति को रेखांकित करना, लॉरेट्स एंड लीडर्स फॉर चिल्ड्रन और समिट का बुनियादी विचार है.’’

सत्यार्थी ने कहा, “ नेतृत्वकर्ता के तौर पर हमें बाल-अनुकूल विश्व बनाने के लिए समानुभूति की परंपरा कायम करनी होगी। बच्चों की सुरक्षा, आज़ादी, और शिक्षा, सामूहिक प्रयासों और दृढ़ संकल्प के बिना प्राप्त नहीं की जा सकती.’’

वर्ष 2016 में पहली ‘लॉरेट्‌स एंड लीडर्स फॉर चिल्ड्रेन’ शिखर बैठक का आयोजन भारत में हुआ था जिसका उद्घाटन तत्कालीन राष्ट्रपति  प्रणव मुखर्जी द्वारा किया गया था। दुनिया भर से 21 नोबेल विजेताओं तथा विश्वस्तरीय नेताओं के अलावा शैक्षणिक, व्यावसायिक, मनोरंजन, सरकार व नागरिक समाज आदि क्षेत्रों से 400 प्रतिष्ठित विचारक व प्रभावशाली हस्तियां इसमें शामिल हुईं थीं।

इनपुट-भाषा


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