पठानी अंदाज़, अपनी ही सरकार के अधीन संस्था को धमकी

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एनडीएमसी स्कूलो में उर्दू विषय में दाखिला न होना अफ़सोस नाक

 

रईस खान पठान ने कहा की अगर यही हाल हुआ तो भूख हड़ताल पर बैठ जाऊंगा

नई दिल्ली: नई दिल्ली म्युनिस्पल काउंसिल (एनडीएमसी) के स्कूलो में दाखिले के दौरान जहाँ उर्दू को पूरी तरह नज़रंदाज़ किया जा रहा है वही कई वर्षो से एनडीएमसी में उर्दू और पंजाबी अफसर का पद भी खली पड़ा है. इस पूरे मामले पर अफ़सोस प्रकट करते हुए सेन्ट्रल वक्फ काउंसिल के सदस्य रईस खान पठान का कहना है कि वह एनडीएमसी की इस हरकत की शिकायत केंद्रीय मंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी से करेंगे.

 

रईस खान पठान ने बताया कि मुझे कई लोगों ने शिकायत कर के बताया कि स्कूल में बच्चे उर्दू पढ़ने के लिए कहते है तो उर्दू न दे कर दूसरी भाषा में दाखिला दिया जाता है. उन्होंने कहा कि मुझे अपने सूत्रों से पता चला है कि एनडीएमसी इस बात से इन्कार कर रहा है, और वह उर्दू में दाखिला नहीं देना चाहता है. उन्हों ने कहा कि मेरा एनडीएमसी से सवाल है कि वह बताए कि अब तक कितने बच्चो को उर्दू में दाखिला दिया गया है. उन्होंने कहा कि यह पहला मामला नहीं है जब उर्दू के साथ भेद-भाव किया गया हो बल्कि इस से पहले भी कई बार इस तरह की शिकायत हमें मिली है. पठान ने कहा कि अभी पूर्व चीफ जस्टिस ठाकुर ने भी उर्दू के साथ भेद भाव को मना है.

 

उन्हों ने कहा कि हैरत की बात है कि कई वर्षो से वहां उर्दू और पंजाबी अफसर का पद भी खाली पड़ा है. इस लिए मै जल्द ही केन्द्रीय मंत्री से मुलाक़ात करूँगा और तब भी समस्या का समाधान नहीं निकला तो मै अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल पर बैठ जाऊंगा


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