राज्यसभा में तीन तलाक़ विधेयक रुकवाने के लिए मौलाना असरारुल हक़ कासमी बधाई के पात्र

watansamachar desk


ऑल इंडिया मोमिन कांफ्रेंस के अध्यक्ष हाजी इमरान अंसारी ने मोदी सरकार के जरिए जल्दबाजी में लोकसभा से पास किए गए तीन तलाक विधेयक को मुस्लिम महिला विरोधी बताते हुए कहा है कि उनकी (सरकार) मंशा इस विधेयक से मुस्लिम महिलाओं को इंसाफ देने के बजाय उन पर ज़ुल्म और जब्र को बढ़ावा देने की है, साथ ही मुस्लिम खानदानों को तितर-बितर करने की साजिश भी इस विधेयक के जरिये हो रही है. उन्होंने कहा कि बीजेपी मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की रक्षा का ढिंढोरा पीट कर दरअसल अपनी सियासत चमकाना चाहती है और अपने वोट बैंक को मजबूत करने के लिए मुसलमानों को तरह तरह से प्रताड़ित करने और परेशान करने की कोशिश कर रही है.

दिल्ली में ऑल इंडिया मोमिन कांफ्रेंस के पदाधिकारियों के साथ कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ सांसद और किशनगंज से दूसरी बार लोकसभा के सदस्य चुने गए मौलाना असरारुल हक़ कासमी के जरिए तीन तलाक़ विधेयक को ऊपरी सदन (राज्यसभा) में रुकवाने की की गई कोशिशों की सराहना करते हुए कहा कि इसके लिए मौलाना हिंदुस्तान के उन तमाम इंसाफ पसंद लोगों की तरफ से बधाई के पात्र हैं जो बिल को लेकर संसद की तरफ टिकटिकी बांधे हुए देख रहे थे.

इमरान अंसारी ने कहा कि तीन तलाक़ विधेयक के लोकसभा से पास होने के बाद मौलाना ने राज्यसभा में तीन तलाक़ विधेयक को रुकवाने के लिए कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के अलावा दूसरी विपक्षी पार्टियों के नेताओं पर जिस तरह से दबाव बनाया और लोकसभा में पार्टी के मौकिफ़ पर नाराजगी का इजहार किया और राहुल गांधी समेत लोकसभा व राज्यसभा में पार्टी नेताओं और मौलाना के जरिये दूसरे विपक्षी दलों के सांसदों को मुसलमानों समेत महिलाओं के लिए काम करने वाली संगठनों और इंसाफ पसंद लोगों की बेचैनी से अवगत कराने के बाद जिसका प्रकार की राज्यसभा में विपक्ष की एकता देखने को मिली और एक सुर में विपक्ष ने आवाज बुलंद की वह सराहनिए है. उन्हों ने कहा कि इसी एकता के सबब सरकार को झुकना पड़ा.

देहलवी ने मौलाना को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने भारत के उन तमाम लोगों की जो संविधान के अनुसार महिलाओं को अधिकार दिलाना चाहते हैं वकालत/तर्जुमानी की है वह सराहनीय है. उन्होंने कहा कि मौलाना कासमी भारत के सिर्फ मुसलमानों ही नही बल्कि तमाम दबे कुचले शोषित वंचित लोगों की आवाज़ हैं जो अपने अधिकारों की रक्षा में अब तक नाकाम रहे है.

प्रतिनिधि मंडल में देहलवी के साथ हाजी अनवार अहमद अंसारी डॉक्टर मुश्ताक नदीम अहमद मोहम्मद उस्मान हाजी शकील अहमद हाफिज गयासुद्दीन हाजी मोहम्मद इरशाद और सय्यद अजमल समेत आल इंडिया मोमिन कॉन्फरेन्स दिल्ली के पदाधिकारी शामिल थे.


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