आल इंडिया जमीयतुल कुरैश में फूट, सिराज कुरैशी पर गंभीर आरोप
नई दिल्लीः सिराजुद्दीन कुरैशी की सदारत में काम करने वाली ऑल इंडिया जमियतुल कुरैश विवादों के घेरे में आ गई है। संगठन के कुछ सदस्यों ने कयादत की नाकामी का हवाला देते हुए कुल हिंद जमियतुल कुरैश एक्शन कमिटी का गठन किया है जिसकी दूसरी कौमी कॉन्फ्रेंस को कल दिल्ली में अंजाम दिया गया। इस कॉन्फ्रेंस का मकसद संगठन का विस्तार और समुदाय के लोगों को संगठन का रोडमैप दिखाना था।
नई एक्शन कमिटी के संस्थापकों की शिकायत है कि ऑल इंडिया जमियतुल कुरैश कई मोर्चों पर नाकाम रहा है। सिराजुद्दीन कुरैश की सदारत में काम कर रहे जमियतुल कुरैश के पास समुदाय से जुड़े आंकड़े मौजूद नहीं हैं। कुरैशी समुदाय में कितने डॉक्टर हैं, कितने इंजीनियर, इसकी जानकारी ऑल इंडिया जमियतुल कुरैश के पास नहीं।
नई एक्शन कमिटी का यह भी आरोप है कि क़यादत होने के बावजूद कुरैश समुदाय के लोगों को ओबीसी सर्टिफिकेट लेने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि जमियतुल कुरैश में काबिल लोगों को जगह देने के बजाय भाई-भतीजावाद का चलन है जिसके कारण कुरैशी समुदाय फल-फूल नहीं पा रही।
इन्हीं सब समस्याओं का हवाला देते हुए कुल हिंद जमियतुल कुरैश एक्शन कमिटी ने दिल्ली के गालिब इंस्टिट्यूट में अपनी दूसरी कॉमी कॉंफ़्रेंस का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए एक्शन कमिटी के उपाध्यक्ष सनोबार कुरैशी ने कहा कि उनके कार्यक्रम का आयोजन पहले इंडियन इस्लामिक कल्चरल सेंटर में होना था लेकिन आनन-फानन में कार्यक्रम को गालिब इंस्टिट्यूट में शिफ्ट करना पड़ा।सनोबार कुरैशी ने ऑल इंडिया जमियतुल कुरैश के सदर सिराजुद्दीन कुरैशी को निशाना बनाते हुए कहा कि उनके कार्यक्रम को रोकने की बहुत कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फिर भी इस कार्यक्रम का आयोजन किया।
कार्यक्रम में एक्शन कमिटी ने अपने कई मनसूबे समुदाय के सामने ज़ाहिर किये।
नई एक्शन कमिटी के सदर मोहम्मद अब्दुल फहीम क़ुरैशी ने कॉंफ्रेंस से ख़िताब करते हुए बताया कि उन्होंने समुदाय का डेटा इकट्ठा करने का प्लान बनाया है। क़ुरैश समुदाय के लोग कुल हिंद जमियतुल क़ुरैश एक्शन कमिटी की वेबसाइट पर जाकर अपने आपको रजिस्टर कर सकते हैं। इसमें उन्हें अपनी तस्वीर समेत सारी जानकारियां डालनी होंगी। वेबसाइट की जानकारी साझा करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई शख़्स क़ुरैश समुदाय के पेशेवर अफराद की जानकारी हासिल करना चाहता है तो वह वेबसाइट पर किसी भी पेशे के बारे में सर्च कर सकता है और उस पेशे में काम करने वाले लोगों की फेहरिस्त उसके सामने आ जाएगी।
इसके अलावा एक्शन कमेटी ने दावा किया कि वह समुदाय के सभी लोगों की समस्या का निस्तारण पूरी पारदर्शिता के साथ करेंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एक्शन कमेटी के सदर ने कहा कि वह समुदाय के लिए ओबीसी सर्टिफिकेट बनवाने की प्रक्रिया को भी आसान करेंगे। अगर क़ुरैश समुदाय का कोई व्यक्ति ओबीसी सर्टिफ़िकेट बनवाना चाहता है तो वह कुल हिंद जमियतुल क़ुरैश एक्शन कमिटी की वेबसाइट https://www.aijamiatulquresh.org/ पर इसके लिए दर्ख़ास्त दे सकता है। अगर कमिटी सभी दस्तावेज़ों को सही पाती है तो वह अपने स्तर पर उस व्यक्ति का सत्यापन कर देगी जिसके बाद वह ओबीसी सर्टिफिकेट हासिल कर सकता है। एक्शन कमिटी ने अपने ख़र्चे पर मॉडर्न स्लॉटर हाउस बनाने और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हलाल सर्टिफ़िकेट बांटने का वादा किया है।
इस कांफ्रेंस में क़ुरैशी समुदाय के अलावा भी कई मुद्दे उठाए गए। एक्शन कमिटी की मांग है कि भारत सरकार आने वाले संसद सत्र में वकील सुरक्षा बिल पारित करे। हॉल में मौजूद समुदाय के लोगों ने कमिटी की इस मांग का समर्थन किया।
एक्शन कमिटी की यह मांग भी है कि देश में साम्प्रदायिक सौहार्द की हिफ़ाज़त के लिए इबादतगाह एक्ट 1991 को संविधान के अनुसूची 9 में शामिल किया जाए।
ऑल इंडिया जमियतुल क़ुरैश एक्शन कमिटी के सदर मोहम्मद अब्दुल फ़हीम क़ुरैशी ने कहा कि वह सिर्फ़ क़ुरैशियों की नहीं बल्कि पूरे देश की सेवा करना चाहते हैं।
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