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डॉ हर्षवर्धन जी आज मैं व्यक्तिगत तौर पर दुखी हूँ, ईश्वर आप को शक्ति दे

आशा है कि आप स्वस्थ होंगे. बीते रोज केंद्रीय मंत्रिमंडल से आप के इस्तीफे की खबर सुनकर दिल और मन दोनों को चोट पहुंची. यह और बात है कि आप से कभी कोई घनिष्ठ मुलाकात ना रही, लेकिन एक पत्रकार होने के नाते कई प्रेस वार्ताओं में आप से सवाल करने और आप को समझने का अवसर प्राप्त हुआ. आप जैसा सभ्य और शालीन व्यक्ति केंद्रीय मंत्रिमंडल में कम हैं. हो सकता है कई सारे हो, जिनको मैं ना जानता हूं, लेकिन जिनको मैं जानता हूं उन में ऐसे लोग कम हैं जो आप जैसे परिपक्व और राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी हों. जो हर सपाट और जटिल पिच पर बल्लेबाजी करना जानते हों. जिन्हों ने कभी अपने वक्तव्य और वाणियों से किसी समाज के मन को चोट और तकलीफ ना पहुंचाई हो.

By: मोहम्मद अहमद

 

  • डॉ हर्षवर्धन जी आज मैं व्यक्तिगत तौर पर दुखी हूँ, ईश्वर आप को शक्ति दे

 

Respected डॉक्टर हर्षवर्धन जी (Harsh Vardhan Ji), आदाब, नमस्कार, सलाम.

 

 आशा है कि आप स्वस्थ होंगे. बीते रोज केंद्रीय मंत्रिमंडल से आप के इस्तीफे की खबर सुनकर दिल और मन दोनों को चोट पहुंची. यह और बात है कि आप से कभी कोई घनिष्ठ मुलाकात ना रही, लेकिन एक पत्रकार होने के नाते कई प्रेस वार्ताओं में आप से सवाल करने और आप को समझने का अवसर प्राप्त हुआ. आप जैसा सभ्य और शालीन व्यक्ति केंद्रीय मंत्रिमंडल में कम हैं. हो सकता है कई सारे हो, जिनको मैं ना जानता हूं, लेकिन जिनको मैं जानता हूं उन में ऐसे लोग कम हैं जो आप जैसे परिपक्व और राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी हों. जो हर सपाट और जटिल पिच पर बल्लेबाजी करना जानते हों. जिन्हों ने कभी अपने वक्तव्य और वाणियों से किसी समाज के मन को चोट और तकलीफ ना पहुंचाई हो.

 

 

आप केंद्रीय मंत्रिमंडल में उन लोगों में से हैं जिनसे देश के हर समाज के लोग प्यार करते हैं और जिस समाज (Muslim) से मैं आता हूं उस समाज के लोग आपसे कुछ ज्यादा ही प्यार करते हैं. उस समाज के लोग आप को वोट भी देते हैं और आप उनके काम भी आते हैं. आप के स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद मुझे यह खबर मिली कि मेरे मित्र रावत जी आपके साथ जुड़े हुए हैं. रावत जी से मेरा बहुत ही गहरा और घनिष्ठ संबंध है. पूर्व केंद्रीय मंत्री तारिक अनवर जी के साथ भी रावत जी को कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ है. वहीं से मेरी उनकी मित्रता हुई जो आज तक बाक़ी और जारी है. जब भी मैं रावत जी को फोन करता हूं तो रावत जी का एक ही जवाब होता है डॉक्टर साहब आदेश करें, ये और बात है कि मैं डॉक्टर नहीं हूं, लेकिन वह मुझे प्यार से डॉक्टर साहब कहते हैं और मैं उन्हें प्यार से दादा कहता हूं.

 

 

 रावत जी मेरे उन मित्रों में हैं जिन के घर का खाना मैं खाता हूँ और वह मेरे घर का खाना शेयर करते हैं. रिश्ता जब इस तरह का हो तो आप सोच सकते हैं दिल कैसा साफ और मन कितना स्वच्छ होगा और मन एक दूसरे को किस तरह से कबूल कर रहा होगा. यही वजह है कि रावत के आपके साथ जुड़ने के बाद एक नहीं अनेकों बार ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज AIIMS, राम मनोहर लोहिया, RML समेत कई अस्पतालों में मरीज़ों को सहयोग करने का अवसर मिला और यह सब रावत जी की ही वजह से संभव हुआ. जब भी किसी किसी मरीज का या उसके किसी जानने वाले का मेरे पास फोन आता और वह मुझसे भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे अस्पतालों या अन्य Hospital में इलाज के लिए सहयोग मांगते तो मैं फौरन रावत जी को कॉल करता और हर बार रावत जी प्यार से न सिर्फ मदद करते बल्कि वह यह कहते कि डॉक्टर साहब आप सिर्फ आदेश करें और एक मैसेज डाल दिया करें, सहयोग पूरा होगा.

 

 

 आज मुझे दुःख है कि अब किसके माध्यम से गरीबों की मदद करूंगा. मैं दुआ करता हूं कि ईश्वर आपको नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएं. रावत जी के माध्यम से जितनी मदद गरीबों की हुयी उसका पूरा श्रेय आपको जाता है, क्योंकि जैसा राजा होता है वैसे ही उसके दरबार में काम करने वाले होते हैं. यहां ना राजा है ना दरबारी, लेकिन रिश्ता वही है कि एक मंत्री जैसा होगा, जिस स्वभाव का होगा, वैसा ही उसके मंत्रालय में काम करने वाले होंगे.

 

मेरी दुआएं आपके साथ हैं. ईश्वर आपको शक्ति और उन्नति दे. हमारे दोस्त रावत भाई को और बल दे ताकि वह इसी तरह से गरीबों की सेवा करें. मुझे आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि आप को जरूर कोई और बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी. मुमकिन है आप देश के आने वाले राष्ट्रपति हों. किस्मत कब कहां किस को लेकर जाए कुछ नहीं पता. मेरी दुआएं आपके साथ हैं. हम यही चाहेंगे कि आप के साथ अच्छे से अच्छा हो. जिस तरह आप के माध्यम से रावत जी ने गरीब का भला किया है. उसका परिणाम आपको जरूर मिले.

-जय हिंद

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