तीन रोज तक दिल्ली जलती रही। चौथे रोज बी छिटपुट घटनाओं की खबर आ रही है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अभी भी नींद से लगता है पूरी तरह जागे नहीं हैं। दूसरे रोज दिल्ली सरकार के नेता और मंत्री टि्वटर टि्वटर खेलते रहे। तीसरे रोज दिल्ली के मुख्यमंत्री राजघाट पहुंच गए और उन्होंने राजघाट गांधी समाधि पर जाकर लोगों से शांति की अपील की। इसके बाद लोगों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि जब दंगा होता था तब गांधी जी दंगा ग्रस्त इलाकों में जाते थे। वहां लोगों से बात करते थे। दंगा पर काबू पाने की कोशिश करते थे, लेकिन केजरीवाल का पहले मौन रहना फिर तीसरे रोज गांधी समाधि पर जाकर शांति की दिल्ली वालों से अपील करना और चौथे रोज जब काफी देर हो चुकी है, सब कुछ लोगों का लुट चुका है, बर्बाद हो चुका है, जल चुका है, तब केजरीवाल दिल्ली में सेना बुलाने की अपील कर रहे हैं और वह कह रहे हैं कि कर्फ्यू लगाया जाए।
देश के जाने-माने पत्रकार पाणिनि आनंद ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है कि।।।आपने सॉफ्ट हिंदुत्व दिखाया। लेकिन आपको एक्सपोज़ करने के लिए दिल्ली सुलगा दी गई। अब गांधी की समाधि पर बैठकर मौन रखना आपका जवाब तो हो सकता है, लेकिन फिलहाल ज़रूरत राजनीति से ज़्यादा लोगों के बीच जाने की है। गांधी ज़िंदा होते तो दंगाइयों के बीच जाकर खड़े हो जाते और मानवता का संदेश देते। सीना आगे करके गोली मारने वालों को परास्त करते। राजनीतिक नाटक छोड़िए, लोगों के बीच पहुंचिए। आप दिल्ली के बेटे हैं, आपका घर फूंक दिया गया है। बुझाने नहीं पहुंचे तो लोग बेटा मानना बंद कर देंगे। बेशक मंगलवार है लेकिन बजरंगबली पर भरोसा मत कीजिए, लंका लग जाएगी।"
केजरीवाल की भूमिका पर लोगों ने और भी सवाल खड़े कर जामिया और जेएनयू के छात्रों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया, जिसके बाद पुलिस ने वाटर केनन का इस्तेमाल किया और वहां से उनको भगाया। लोग कह रहे हैं कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का इतनी देर से जागना बहुत सारे सवाल खड़े करता है। लोग यह भी लिख रहे हैं कि जब केजरीवाल देश के गृहमंत्री अमित साह से मिल रहे थे तो उन से मिलने के दौरान उनके चेहरे पर शिकन नहीं बल्कि ख़ुशी थी, जिससे भी केजरीवाल को लेकर सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं.
वहीं दिल्ली हिंसा के बीच मुख्यमंत्री केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि सेना को बुलाकर दिल्ली के प्रभावित इलाकों में कर्फ्यू लगाया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि मैं इस सिलसिले में गृहमंत्री अमित शाह को खत लिख रहा हूं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया है, "मैं पूरी रात बहुत-से लोगों के साथ संपर्क में रहा हूं।।। हालात चिंताजनक हैं।।। पूरी कोशिशों के बावजूद पुलिस हालात पर काबू पाने और भरोसा पैदा करने में नाकाम रही है।।। सेना को बुलाया जाना चाहिए, और शेष प्रभावित इलाकों में कर्फ्यू लागू कर दिया जाना चाहिए।।। मैं इस सिलसिले में गृहमंत्री को लिख रहा हूं।।।"
वहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने NDTV से कहा, "मैं आश्वासन देता हूं कि कानून का पालन करने वाले किसी भी नागरिक को कोई भी किसी भी तरह की हानि नहीं पहुंचा पाएगा।।। पर्याप्त बल तैनात है, किसी को डरने की ज़रूरत नहीं है।।। लोगों को वर्दीधारियों पर भरोसा करना होगा।'
दिल्ली में तनाव के बीच एक बार फिर बोले कपिल मिश्रा, 'जिन्होंने बुरहान वानी और अफजल गुरु को आतंकी नहीं माना, वो।।।'
सरकारी सूत्रों के अनुसार, "राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल को दिल्ली में हो रही हिंसा की घटनाओं को काबू करने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।।। वह प्रधानमंत्री तथा केंद्रीय मंत्रिमंडल को हालात के बारे में ब्रीफ करेंगे।।। NSA ने मंगलवार रात को जाफराबाद, सीलमपुर तथा उत्तर-पूर्वी दिल्ली के अन्य इलाकों का दौरा किया था, जहां उन्होंने विभिन्न संप्रदायों के नेताओं से बातचीत भी की।।। NSA ने स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय राजधानी में कानून एवं व्यवस्था को भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी तथा पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तथा अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती कर दी गई है।।। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को पूरी छूट दे दी गई है।।।" केजरीवाल के घर के बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस का एक्शन, तो अनुराग कश्यप बोले- इस पानी से आग बुझाओ.
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