RSS CHIEF के बयान पर MAULANA ARSHAD MADNI का जवाब!
New Delhi: अमेरिका में आरएसएस चीफ मोहन भागवत के मुसलमानो को लेकर दिए गए बयान पर जमीयत उलेमा ए हिन्द के अध्य्क्ष मौलाना अरशद मदनी की प्रतिक्रिया आई है. मौलाना अरशद मदनी ने कहा ...”अगर मुसलमानों को देश से निकालने की बात करने वाला हिंदू नहीं है तो मोहन भागवत जी बताएं, ऐसे लोगों को RSS अपने संगठन से बाहर क्यों नहीं करती?
मुसलमानों और ईसाइयों के खिलाफ नफरत फैलाने, मॉब लिंचिंग और हिंसा का समर्थन करने, आर्थिक एवं सामाजिक बहिष्कार की अपील करने, मस्जिदों, मदरसों एवं शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाने तथा मुसलमानों की नागरिकता और संवैधानिक अधिकारों को संदेह के घेरे में लाने वाले आखिर कौन लोग हैं? उनके खिलाफ RSS ने अब तक क्या कार्रवाई की है?”
अमेरिका में एकता, भाईचारे और सभी धर्मों के सम्मान की बात करना स्वागत योग्य है, लेकिन इस संदेश की असली जरूरत आज भारत में है। यदि मोहन भागवत अपने इस विचार को वास्तव में अमल में लाना चाहते हैं, तो उन्हें नफरत फैलाने वालों से खुले तौर पर दूरी बनानी चाहिए और उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करके यह साबित करना चाहिए कि यह केवल विदेश में कही गई बात नहीं है।
भारत किसी एक धर्म का नहीं, बल्कि सभी धर्मों को मानने वालों का साझा वतन है। किसी भी विचार की सच्चाई भाषणों से नहीं, बल्कि उसके अमल से साबित होती है। इसलिए सवाल सीधा है—नफरत फैलाने वालों पर कार्रवाई कब होगी और संविधान में मिले समान अधिकारों की रक्षा जमीन पर कब दिखाई देगी?
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